Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Palamu Police Action: मॉडिफाइड गाड़ियों से रौब दिखाने वालों पर पुलिस का शिकंजा; मेदिनीनगर में 20 वाह... Madhya Pradesh News: आगर मालवा में उफनते नाले में बही श्रद्धालुओं से भरी कार; 3 बच्चों समेत 8 लोगों ... Bhiwani Crime News: रेंज रोवर गाड़ी पर गोलीबारी के मामले में पुलिस का एक्शन, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रह... Sewa Sankalp Abhiyan Bhiwani: भिवानी की गोशालाओं में पशु स्वास्थ्य कैंप और हवन का आयोजन, लंपी बीमारी... Mayor Shyam Lal Bansal Panchkula: निगम कार्यालयों की नई बिल्डिंग और ट्रांसफर हुए 9 सेक्टर, सीएम सैनी... Haryana Urban Development: पंचकूला में सीवर सिस्टम और जल निकासी होगी दुरुस्त, सेक्टर-32 में बनेगा वर... PGT Computer Science Result Stay: एनसीटीई नियमों की अनदेखी का मामला, 12 अगस्त को घोषित परिणाम पर रोक Yamunanagar Firing Case: यमुनानगर में हाइड्रा और क्रेन ऑफिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग, एक शख्स की मौत और ... DU DUSU Election 2026 Counting News: डूसू चुनाव में वीडियोग्राफी के बीच वोटों की गिनती जारी; विजय जु... Inspirational Story: गाजियाबाद का घरौंदा बाल आश्रम बना मिसाल; 100 बच्चे जा चुके विदेश, 1000 को मिला ...

घर की इस दिशा में बनाएं स्वस्तिक चिन्ह, मां लक्ष्मी का होगा आगमन

43

इंदौर। सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य से पहले स्वस्तिक चिन्ह जरूर बनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि घर में सही दिशा और सही तरीके से बनाया गया स्वस्तिक चिन्ह काफी लाभकारी होता है। आइए, जानते हैं वास्तु शास्त्र के अनुसार, किस दिशा में और किस तरह स्वस्तिक बनाना चाहिए।

महत्वपूर्ण है स्वस्तिक चिन्ह

स्वस्तिक को ऋग्वेद में सूर्य का प्रतीक माना गया है। इसकी चार भुजाएं चार दिशाओं का प्रतिनिधित्व करती हैं। स्वस्तिक को मंगल का प्रतीक भी माना जाता है। यह सौभाग्य को आकर्षित करता है। इसे बनाने से हमेशा घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है। स्वस्तिक चिन्ह बनाकर शुभ कार्य करने से वे सिद्ध हो जाते हैं।

इस दिशा में बनाएं स्वस्तिक

वास्तु शास्त्र के अनुसार, स्वस्तिक चिन्ह उत्तर-पूर्व या उत्तर दिशा ईशान कोण में बनाना शुभ माना जाता है। इसके स्थान पर आप अपने घर में अष्टधातु या तांबे से बना स्वस्तिक चिन्ह भी लगा सकते हैं। इससे व्यक्ति को आर्थिक लाभ की संभावनाएं भी बनती हैं और घर में समृद्धि आती है।

इस तरह बनाएं स्वस्तिक

चंदन, कुमकुम या हल्दी से स्वस्तिक बनाना शुभ माना जाता है। स्वस्तिक बनाते समय कभी भी पहले क्रॉस (X) या प्लस चिन्ह (+) नहीं बनाना चाहिए। ऐसा करने के लिए सबसे पहले स्वस्तिक का दायां भाग बनाएं और फिर बायां भाग बनाएं। यह भी ध्यान रखें कि भूलकर भी उल्टा स्वस्तिक नहीं बनाना चाहिए और न ही इसका प्रयोग करना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति को अशुभ परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.