Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Jharkhand News Today: हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत! PMLA विशेष अदालत में वर्चुअली पेश होंगे सीएम हेमंत... Jharkhand Tribal Empowerment: मोटे अनाज से बदलेगी आदिवासी महिलाओं की तकदीर; SBI और CSIR-CIMFR लेडीज ... Jharkhand Weather Update: झारखंड में आज छाए रहेंगे बादल; 30-40 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, अलर्ट... Jharkhand Political News: 'कोयला नहीं मिट्टी से बना हूं'; धनबाद में सांसद ढुल्लू महतो पर बरसे डुमरी ... DUSU Election 2026: निर्दलीय उपाध्यक्ष बने दीपांशु शौकीन से कांग्रेस या NSUI ने नहीं किया संपर्क, इं... Heavy Rain Forecast India: झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में जोरदार बारिश के आसार, जानिए अपने शहर ... Heart Disease Risk & Prevention: स्वस्थ लोग भी न करें ये अनदेखी! उम्र के हिसाब से करवाएं ईसीजी, बीपी... Balod Accident News: बालोद में भीषण सड़क हादसा; कार ने बाइक को मारी टक्कर, 2 मासूम बच्चों की मौत MP Milk Price Hike Protest: दूध के दाम बढ़ाने पर अड़े किसान; इंदौर, देवास और उज्जैन के किसान सांची ड... Indore Court Order: सड़क हादसे में मृत दूध व्यवसायी के परिवार को मिलेगा 36 लाख मुआवजा; बीमा कंपनी को...

मध्‍य प्रदेश में हुक्का बार पर प्रतिबंध, संचालन किया तो इतने वर्ष के कारावास की होगी सजा

71

भोपाल । मध्‍य प्रदेश में कोई भी हुक्का बार का संचालन नहीं करेगा। इस प्रविधान का यदि उल्लंघन किया जाता है तो तीन वर्ष तक का कारावास और एक लाख रुपये तक का अर्थदंड लगाया जाएगा। हुक्का बार की सामग्री या वस्तु जब्त करने का अधिकार पुलिस उप निरीक्षक स्तर के अधिकारी को होगा।

इसके लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार तथा वाणिज्य, उत्पादन, प्रदाय और वितरण का विनियमन) संशोधन अधिनियम 2023 को अनुमति दे दी है। विधि एवं विधायी विभाग ने राजपत्र में अधिसूचित कर इसके प्रविधान लागू कर दिए हैं। नवदुनिया ने अवैध रूप से संचालित हो रहे हुक्का बार पर प्रतिबंध को लेकर अभियान चलाया था।

श‍िवराज सरकार में हुआ था यह

शिवराज सरकार ने प्रदेश में अवैध रूप से चलाए जा रहे हुक्का बार को प्रतिबंधित करने के लिए सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार तथा वाणिज्य, उत्पादन, प्रदाय और वितरण का विनियमन) अधिनियम में संशोधन का विधेयक प्रस्तुत किया था। दरअसल, हुक्का बार नशा और आपराधिक गतिविधियों के केंद्र बन रहे थे लेकिन इन्हें बंद करने का कोई स्पष्ट प्रविधान नहीं था।

न्‍यायालय चले जाते थे संचालक

इसके कारण जब भी पुलिस कार्रवाई करती थी तो संचालक न्यायालय चले जाते थे और उन्हें स्थगन भी मिल जाता था। इसे देखते हुए गृह विभाग ने गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के प्रविधानों का अध्ययन कर अधिनियम में संशोधन किया है, जिसे राष्ट्रपति की अनुमति मिलने के बाद लागू कर दिया है।

अब किया गया यह प्रविधान

इसमें प्रविधान किया गया है कि ऐसा स्थान जहां लोग सामुदायिक हुक्का या नारगिल से तंबाकू या अन्य समरूप उत्पादों से धूम्रपान करने के लिए एकल या संयुक्त रूप से उपलब्ध कराया जाता है, पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। न तो कोई व्यक्ति हुक्का बार खोलेगा और न ही संचालित करेगा। इसका उल्लंघन करने पर तीन वर्ष तक का कारावास और एक लाख रुपये तक का अर्थदंड लगाया जाएगा। कारावास की सजा एक साल से कम और अर्थदंड 50 हजार रुपये से कम नहीं होगा। हुक्का बार की सामग्री या वस्तु जब्त करने का अधिकार पुलिस उप निरीक्षक स्तर के अधिकारी को होगा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.