Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
क्या भारत में नागरिकों को हासिल है पूरी आजादी? जानिए संविधान प्रदत्त 11 अधिकारों के साथ जुड़ी अहम का... क्या NDA में होगा बड़ा विस्तार? परिसीमन और महिला आरक्षण बिल के बीच DMK, NCP और अकाली दल के साथ आने क... महाराष्ट्र के सांगली में बड़ा हादसा: रेणावी घाट में दो ST बसों की आमने-सामने भीषण टक्कर स्वतंत्रता दिवस 2026: दिल्ली मेट्रो की विशेष व्यवस्था, लाल किला और जामा मस्जिद के लिए सुबह 4 बजे से ... अयोध्या पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महंत परमहंस रामचंद्र दास के स्मृति समारोह में हुए शामिल 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन, देशवासि... PM मोदी और विदेश नीति पर टिप्पणी से गरमाई सियासत: राजनाथ सिंह और एकनाथ शिंदे ने राहुल गांधी को घेरा,... CJI सूर्य कांत विवाद के बाद सुर्खियों में NALSAR यूनिवर्सिटी, BCI ने वापस लिया निलंबन फैसला 4,200 करोड़ के लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब 15 अगस्त को देश मनाएगा 80वां स्वतंत्रता दिवस, लाल किले पर समारोह के दौरान मौसम पर टिकीं निगाहें

कयामत के बाद जब कुछ न होगा तब सिर्फ यह होगा

50

एक बार खलीफा उमर भाषण दे रहे थे। उन्होंने लोगों से पूछा, ‘अगर में आप लोगों को कोई आज्ञा दूं तो क्या आप सभी उसे मानेंगे?’ एक महिला ने कहा, ‘जी नहीं, हम कैसे मान सकते हैं?’

तब खलीफा उमर ने पूछा, ‘क्यों?’ महिला बोली, ‘आप इतना लंबा चोगा पहने हुए हैं लेकिन मेरे पति का चोगा घुटनों तक भी नहीं आता है। इससे साफ जाहिर होता है कि आपने शाही भंडार से अपने हिस्से में अधिक कपड़ा लिया है।’

पढ़ें: मन से हारें नहीं इस तरह रखें संयम

महिला की बात सुनकर खलीफा उमर ने कहा, ‘मैं नही जानता कि यह कैसे हुआ?’ मेरा लड़का इसका जवाब देगा।’ खलीफा उमर के संकेत पर लड़का आगे आया। उसने कहा, ‘मेरे पिता ने शाही भंडार से अधिक कपड़ा नहीं लिया है। मैनें अपने हिस्से के कपड़ा इन्हें दिया है। तभी इनका चोगा इतना लंबा हो गया।’

पढ़ें: शाकाहार बनाम मांसाहार! किसने क्या कहा?

लोगों का सिर श्रद्धा से खलीफा की ओर झुक गया। लेकिन महिला डर के कारण कांपने लगी। उसे डर था कि खलीफा उसे सजा देंगे। लेकिन खलीफा उस महिला पर नाराज नहीं हुए। लेकिन खलीफा ने कहा, जब तक इस महिला की तरह निर्भय होकर सत्य बात कहने वाले लोग इस दुनिया में उपस्थित हैं। तब तक हमारे धर्म को कोई खतरा नहीं है।

संक्षेप में

यानी बुजदिल कायरों वाला समाज कभी भी उन्नति नहीं कर पाता हर तरह की प्रगति तभी हो सकती है जब निर्भीकता पूर्वक सत्य कहने वाले लोग समाज में शीर्ष भूमिका निभाते हैं। कहा भी गया है ‘कयामत के बावजूद इस दुनिया में अगर कुछ कायम है तो वो होगा ‘सत्य’।’

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.