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मध्य प्रदेश में चुनाव से पहले ही भाजपा ने मानी हार, BJP की दूसरी लिस्ट पर कांग्रेस ने साधा निशाना

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कांग्रेस ने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी किए जाने के बाद मंगलवार को दावा किया कि चुनाव से पहले ही नतीजे स्पष्ट हो गए हैं क्योंकि भाजपा ने हार मान ली है। मुख्य विपक्षी दल के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने यह भी दावा किया कि मध्य प्रदेश में जिन लोगों ने ‘चोरी-छिपे’ सरकार बनाई, जनता उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाने जा रही है। भाजपा ने सोमवार को कुल 39 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की। इसमें केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद सिंह पटेल और फग्गन सिंह कुलस्ते के नाम शामिल हैं। इनके अलावा जिन सांसदों को विधानसभा चुनाव के लिए टिकट दिया गया है, उनमें राकेश सिंह, गणेश सिंह, रीति पाठक और उदय प्रताप सिंह शामिल हैं। ये सभी लोकसभा के सदस्य हैं।

51 मिनट के भाषण में 44 बार कांग्रेस का नाम लिया
पवन खेड़ा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने मध्य प्रदेश में अपने 51 मिनट के भाषण में 44 बार कांग्रेस का नाम लिया…जिस राज्य में 18 साल से भाजपा की सरकार है, वहां आप 44 बार कांग्रेस का नाम ले रहे हैं। यह बताता है कि मध्य प्रदेश में सरकार की उपलब्धियां ‘जीरो’ हैं।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘‘प्रधानमंत्री जितना ज्यादा प्रचार करते हैं, हमें उतना कम प्रचार करना पड़ता है…अगर मोदी जी झूठ बोलना थोड़ा कम कर दें तो वह कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन के स्टार प्रचारक बन सकते हैं।” खेड़ा ने आरोप लगाया, ‘‘यह प्रमाणित हो चुका है कि देश के प्रधानमंत्री झूठ बोलते हैं।”

चाहे केंद्रीय मंत्रियों को लड़ा दो, जो होना है वो होकर रहेगा
उन्होंने भाजपा उम्मीदवारों की दूसरी सूची को लेकर भाजपा पर कटाक्ष किया, ‘‘कर्नाटक में हमने जो किया, वे मध्य प्रदेश में वही कर रहे हैं। उनको लगता है कि पहले सूची जारी कर दो तो जीत जाएंगे। लेकिन यह नहीं पता कि सूची पहले जारी करो चाहे बाद में जारी करो, चाहे केंद्रीय मंत्रियों को लड़ा दो, जो होना है वो होकर रहेगा।” खेड़ा ने कहा, ‘‘जब भाषणों में नाम गायब हो जाए, सूची में नाम गायब हो जाए तो समझ लीजिए कि भाजपा ने हार मान ली। कल की सूची से साबित हो गया कि चुनाव का नतीजा क्या रहने वाला है।” उन्होंने दावा किया कि अगर ज्योतिरादित्य सिंधिया चुनाव नहीं लड़ रहे हैं तो इसका अर्थ है कि वे अपनी हार को टाल रहे हैं क्योंकि वह विधानसभा चुनाव से बचेंगे तो लोकसभा चुनाव में हार जाएंगे।

हम तो डूबेंगे, तुम्हें भी ले डूबेंगे सनम- सुरजेवाला का तंज 
कांग्रेस महासचिव और मध्य प्रदेश प्रभारी सुरजेवाला ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘मध्यप्रदेश में भाजपा की दूसरी सूची का सच। हम तो डूबेंगे, तुम्हें भी ले डूबेंगे सनम। 18 वर्षों में मध्यप्रदेश को भाजपा की सरकार ने बर्बादी की कगार पर पहुंचा दिया। ये बात प्रदेश की जनता के साथ साथ भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व भी जान रहा है। इसीलिए 15 दिन पहले अमित शाह और कल मोदी जी ने शिवराज जी के नाम और काम से किनारा कर लिया।” उन्होंने दावा किया, ‘‘यह बात शिवराज सिंह जी को मन ही मन बहुत सालती थी। दूसरी ओर सिंधिया जी भी अपनी लोकसभा की हार तथा अपने क्षेत्र में लगातार स्थानीय निकायों की हार से भी हताश थे।

मगर फिर भी सत्ता नहीं बच पाएगी
बस दोनों नेताओं ने अपने सभी प्रतिद्वंदियों को ठिकाने लगाने का मन बना लिया।” सुरजेवाला ने कटाक्ष किया कि केंद्रीय नेतृत्व को शिवराज और महाराज ने बताया कि मध्यप्रदेश में जीर्णशीर्ण हो चुकी सत्ता की डूबती नाव की पतवार को अब नरेंद्र तोमर, प्रह्लाद पटेल, फग्गनसिंह कुलस्ते ,कैलाश विजयवर्गीय और राकेश सिंह की ज़रूरत है। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस का भय भाजपा को कैसे सताता है, ये साफ़ है! खड़गे जी, राहुल गांधी जी, कमलनाथ जी के व्यक्तित्व का ख़ौफ़ देखिए, मध्यप्रदेश की बहादुर जनता का आक्रोश देखिये। एक मुख्यमंत्री, तीन केंद्रीय मंत्री सहित सात सांसद, एक राष्ट्रीय महासचिव, मगर फिर भी सत्ता नहीं बच पाएगी!”

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