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एचएफए प्रोजेक्ट पूरे हुए नहीं, नगर निगम बना रहा रजिस्ट्री कराने का दबाव

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भोपाल। राजधानी में गंगा नगर और 12 नंबर स्टाप समेत विभिन्न स्थानों पर हाउसिंग फार आल (एचएफए) प्रोजेक्ट्स में फ्लैट खरीदने वाले परेशान हैं। इसकी वजह नगर निगम के अधिकारियों द्वारा इनसे बिल्डरों की तरह व्यवहार करना है। दरअसल प्रोजेक्ट लेट होने की वजह से लोगों को जहां पांच वर्ष से ज्यादा समय से पजेशन नहीं मिल सका है, वहीं अब नगर निगम लोगों पर प्लास्टर और खिड़की दरवाजों वाले अधूरे फ्लैट्स की रजिस्ट्री कराने का दबाव बना रहा है। यही नहीं लोगों को अधूरे फ्लैट की रजिस्ट्री कराने पर 25 फीसदी की छूट दिलाने का वादा भी किया जा रहा है। जबकि अधिकारी लोगों की शिकायत को फर्जी बता रहे हैं।

बता दें कि शहर में वर्तमान में चल रहे हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में करीब 3500 लोगों को मकान मिलने में देरी हो रही है। ये मकान इन लोगों को तीन से चार साल पहले मिल जाने चाहिए थे, लेकिन आज तक नहीं मिले। फिलहाल मिलने की उम्मीद भी नहीं है क्योंकि लगभग सभी प्रोजेक्ट्स का काम 40 से 60 फीसदी ही पूरा हुआ है। जबकि गंगा नगर और 12 नंबर स्टाप प्रोजेक्ट का काम कान्ट्रैक्टर द्वारा बीच में ही छोड़ देने से लटक गया है। अब नगर निगम नए सिरे से टेंडर कर रहा है। एक बार टेंडर हो चुका है, लेकिन कोई कंपनी नहीं आई और अब दोबारा टेंडर किया गया है। इन हालातों में इन प्रोजेक्ट्स में फ्लैट लेने वालों को आधे-अधूरे फ्लैट की रजिस्ट्री कराने का नगर निगम द्वारा दबाव बनाया जा रहा है। फ्लैट खरीदने वालो ने बताया कि लगभग हर दो-चार दिन में काल आता है कि रजिस्ट्री करा लें। हम मना करते हैं तो रजिस्ट्री कराने में 25 फीसदी की छूट की लालच देते हैं। जब उनसे पूछा जाता है कि शासन द्वारा कब रजिस्ट्री में छूट का प्रावधान किया गया तो वह गोलमोल जवाब देते हैं।

इनका कहना है

अधूरे फ्लैट्स की रजिस्ट्री कराने के लिए दबाव बनाने की जानकारी नहीं है। कर्मचारियों द्वारा किसी को भी रजिस्ट्री कराने के लिए काल नहीं किया। मुझे इस संबंध में शिकायत मिली है। लोगों को समझना चाहिए कि यह साइबर फ्राड हो सकता है। अगर काल आए तो पुलिस कंप्लेंड करें।

संतोष गुप्ता, अधीक्षण यंत्री एचएफए

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