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मध्‍य प्रदेश के 28 शहरों में बढ़ा तापमान, जानिये कब है बारिश का अनुमान

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भोपाल। वर्तमान में कोई प्रभावी मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है। मानसून द्रोणिका भी हिमालय की तलहटी में पहुंच गई है। इस वजह से मध्य प्रदेश सहित आसपास के राज्यों में मानसून ब्रेक की स्थिति बन गई है। वर्षा का दौर थमने के कारण आसमान साफ होने लगा है। साथ ही पूरे प्रदेश में दिन के तापमान में बढ़ोतरी होने लगी है। इसी क्रम में बुधवार को प्रदेश के 28 शहरों में दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया था। सर्वाधिक 36.4 डिग्री तापमान सीधी में रिकार्ड किया गया था। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अभी तीन-चार दिन तक वर्षा होने की संभावना नहीं है।

हालांकि तापमान बढ़ने पर स्थानीय स्तर पर कहीं-कहीं छिटपुट बौछारें पड़ सकती हैं। बारिश का दौर थमने के कारण किसान चिंतित होने लगे हैं। खरीफ की प्रमुख धान और सोयाबीन की फसलों के सूखने की आशंका बढ़ गई है। ज्ञात हो कि मध्य प्रदेश में इस सीजन में एक जून से बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे तक कुल 661.7 मिमी. वर्षा हुई है। जो सामान्य वर्षा (773.7 मिमी.) की तुलना में 14 प्रतिशत कम है।

प्रदेश के 23 जिलों में सामान्य से काफी कम वर्षा हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अशफाक हुसैन ने बताया कि मानसून द्रोणिका के दोनों छोर हिमालय की तलहटी में पहुंच गए हैं। वर्तमान में प्रदेश के उत्तरी भाग के मध्य में हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना है, लेकिन इसका विशेष प्रभाव होने की संभावना नहीं हैं। मानसून ब्रेक की स्थिति तीन-चार सितंबर तक बनी रह सकती है।

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि वर्षा का सिलसिला थमने से मौसम साफ होने लगा है। आसमान साफ होने के कारण सुबह से ही धूप निकलने लगी है। इस वजह से दिन का तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। हालांकि बादल छंटने के कारण अब रात के तापमान में कुछ गिरावट भी हो सकती है। चार सितंबर के बाद पूर्वी मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं वर्षा होने के आसार हैं।

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