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छतरपुर और रतलाम की दो समूह जलप्रदाय परियोजनाओं को मिल सकती है कैबिनेट की मंजूरी

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भोपाल। शिवराज कैबिनेट की गुरुवार को वाली बैठक में छतरपुर और रतलाम की समूह जलप्रदाय परियोजनाओं को स्वीकृति दी जाएगी। 967.52 करोड़ लागत की इन परियोजनाओं में छतरपुर के लवकुश नगर में 560 करोड़ और रतलाम के मझोडिया में 407 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं जन अभियान परिषद के महानिदेशक बीआर नायडू की संविदा अवधि बढ़ाने पर भी कैबिनेट मुहर लगाएगी।

सेवानिवृत्त आइएएस नायडू को परिषद में संविदा नियुक्ति दी गई है, जिसकी अवधि नौ अगस्त 2023 को पूरी हो चुकी है। उसे बढ़ाकर अब दिसंबर 2023 किया जा रहा है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत आकार लेने वाली दोनों परियोजनाओं में इंटकबेल, जल शोधन संयंत्र, रा-वाटर पंपिंग मेन, क्लीयर वाटर पंपिंग मेन, ग्रेविटी मेन, क्लीयर वाटर टैंक, ओवरहेड टैंक का निर्माण किया जाएगा।

जल वितरण के लिए पाइप लाइन बिछाकर घरेलू नल कनेक्शन दिए जाएंगे। परियोजनाओं के तहत ग्राम संरचना की लागत की पांच प्रतिशत राशि अनुसूचितजाति, जनजाति बहुल ग्रामों और अन्य ग्रामों में ग्रामीण समुदाय से 10 प्रतिशत जन सहयोग राशि ली जाएगी।

शेष राशि की 50 प्रतिशत राशि केंद्र और 50 प्रतिशत राशि राज्य सरकार उठाएगी। परियोजनाएं पूरी होने पर इनका संचालन और संधारण जल निगम एवं संबंधित ग्राम पंचायत के अंतर्गत ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। जल निगम ओवरहेड टैंक भरने तक की जिम्मेदारी उठाएगा।

ग्राम में जल प्रदाय और बिल की वसूली की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायत या ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति की रहेगी। राज्य सरकार ने मार्च 2025 तक जल जीवन मिशन के सभी निर्माण कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य तय किया है।

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