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सावन के महीने के आखिरी सोमवार की सवारी निकली, आठ रूपों में महाकाल देंगे दर्शन

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उज्जैन। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर से सोमवार को श्रावण मास की भगवान महाकाल की आखिरी सवारी निकाली गई। अवंतिकानाथ भक्तों को आठ रूपों में दर्शन देने निकले। भक्तों को चांदी की पालकी में चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, गरुड़ पर शिव तांडव, नंदी पर उमा-महेश, रथ पर होलकर, घटाटोप, जटाशंकर तथा श्री रुद्रेश्वर स्वरूप के दर्शन हुए। इससे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने भगवान महाकाल के दर्शन किए।

श्रावण के आखिरी सोमवार पर आज प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे। इसके पहले वे श्रावण मास के तीसरे सोमवार पर सपरिवार महाकाल का आशीर्वाद लेने पहुंचने थे। इसके बाद वे महाकाल की सवारी में भी शामिल हुए थे।

कारवां में यह शामिल

सवारी में सबसे अगे महाकाल मंदिर का प्रतिनिधि रजत ध्वज कर रहा है। पीछे पुलिस का अश्वरोही दल, पुलिस बैंड, सशस्त्र बल की टुकड़ी मार्च पास्ट करते चल रही है। इसके ठीक पीछे भस्म रमैया भक्त मंडल के सदस्य शिव प्रिय वाद्य झांझ व डमरू की मंगल ध्वनि करते चल रहा है। इसके बाद भगवान महाकाल की पालकी व अन्य मुखारविंद शामिल हुए हैं। परंपरागत नौ भजन मंडलियां भी सवारी का हिस्सा है।

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