Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
देश की पहली LNG ट्रेन को अमित शाह ने दिखाई हरी झंडी: गुजरात को मिली ₹1,542 करोड़ के रेलवे प्रोजेक्ट्... Assam Politics News: आशुतोष रांका को असम पुलिस ने लिया हिरासत में, CJP का आरोप- 'सच्चाई सामने लाने स... दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा पर लगा गंभीर आरोप: सड़क निरीक्षण के दौरान युवक को थप्पड़ मारने का वीडि... NEET पेपर लीक विवाद के बाद NTA का बड़ा फैसला: नए मुख्यालय में तैनात होंगे CISF जवान दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों को 214 करोड़ की सौगात: 53 विकास कार्यों का मुख्यमंत्री ने किया शिलान्यास जयपुर में सनसनीखेज वारदात: महिला की हत्या कर गार्डन में दफनाया शव, आरोपी मकान पर ताला लगाकर फरार Jaipur Crime News: झोटवाड़ा के मंदिर में 63 वर्षीय पुजारी से मारपीट, कपड़े फाड़े; CCTV में कैद हुई व... मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ CJP का हल्लाबोल: 2 अक्टूबर को देशभर में विरोध प्रदर्शन, सोनम वांगचुक का ... Bihar Railway Negligence: जमुई में रेल प्रशासन की अमानवीयता, ट्रैक पर कौवे नोचते रहे शव; परिजनों ने ... LPU Student Protest: जालंधर लवली यूनिवर्सिटी में कथित रेप की अफवाह पर भारी बवाल, पुलिस वाहन फूंका; S...

सावन सोमवार के दिन पड़ रही है नागपंचमी इस तरह करें पूजा ध्यान रखें ये बातें

64

इस समय सावन का पवित्र महीना चल रहा है। सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। जल्द ही सावन का छठवां सोमवार मनाया जाने वाला है। हर साल सावन के महीने में नागपंचमी पर्व पड़ता है। इस वर्ष नागपंचमी सोमवार 21 अगस्त को मनाई जाएगी। सावन सोमवार के दिन नागपंचमी पड़ने से इसका महत्व और भी ज्यादा बढ़ गया है। नागपंचमी का त्योहार सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन नाग देवता की पूजा का विधान है। इस दिन नाग देवता के साथ-साथ शिवजी की भी पूजा करनी चाहिए।

नागपंचमी सही तिथि और मुहूर्त

नाग पंचमी तिथि की शुरुआत 21 अगस्त 2023 सोमवार, रात 12:20 मिनट पर होगी। इस तिथि का समापन 22 अगस्त 2023 मंगलवार को रात 2 बजे होगा। नागपंचमी की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 05:53 मिनट से सुबह 8:30 तक रहेगा।

नागपंचमी पूजा विधि

  • नागपंचमी व्रत के देव आठ नाग माने जाते हैं। इस दिन अनन्त, वासुकी, पद्म, महापद्म, तक्षक, कुलीर, कर्कट और शंख नामक अष्ट नागों की पूजा की जाती है।
  • इस दिन सुबह जल्दी उठकर घर की सफाई करें और नहाकर साफ कपड़े पहने।
  • इसके बाद नाग देव के चित्र या प्रतिमा की स्थापना करें।
  • फिर दही, दूर्वा, कुशा, गंध, अक्षत, पुष्प, जल, कच्चे, दूध, रोली और चावल से नाग देव की पूजन करें।
  • नाग देवता को मीठे का भोग लगाएं और उनके रहने के स्थान पर कटोरी में दूध और लाई रखें।
  • फिर नाग देवता की आरती करें और नागपंचमी की कथा सुनें।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.