Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Itarsi Leopard News: ऑर्डनेंस फैक्ट्री और केंद्रीय विद्यालय परिसर में तेंदुए की चहलकदमी से दहशत, वन ... Simhastha 2028 Preparations: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया सड़क और पुल निर्माण का निरीक्षण, जल्द मिल... Ujjain Collector Appeal: सड़क चौड़ीकरण के लिए सभी धर्म-समुदाय के लोग दे रहे हैं सहयोग, शांति व्यवस्थ... Chirag Paswan on Competitive Exams: परीक्षा रद्द होने पर विभाग उठाए अभ्यर्थियों का खर्च, प्रयागराज म... JDU Entry in UP Assembly Election 2027: बिहार के बाद अब उत्तर प्रदेश चुनाव लड़ेगी जेडीयू, मंत्री निश... UP Sweets Use By Date Mandatory: उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को लेकर खाद्य विभाग सख्त, जानिए उत्तर प्रदे... Divyanshi Yadav Case KGMU: डेंगू इलाज में लापरवाही और छात्राओं से जबरन ड्यूटी कराने के आरोपों पर घिर... Actress Arrested in Thane Prostitution Case: महाराष्ट्र के ठाणे में पुलिस की रेड, कस्टमर से 25 हजार ... Hyderabad Cyber Fraud Case: हैदराबाद में डॉक्टर से 14.61 करोड़ की ऑनलाइन ठगी, फेसबुक पर दोस्ती कर फर... Kedarnath Route Landslide: चिरबासा के पास फंसे 1,500 तीर्थयात्रियों को SDRF और NDRF की टीमों ने सुरक...

शहर और स्टेशन के बाद अब बदलने जा रहा केरल का नाम, जानें अब क्या कहलाएगा यह राज्य

74

देश में कई शहरों और स्टेशन के नाम बदले जाने के बाद अब दक्षिण के राज्य का नाम बदलने की चर्चा है। केरल विधानसभा में राज्य का नाम बदलने का प्रस्ताव पास हो गया है। ‘केरल’ का नाम आधिकारिक रुप से बदलकर ‘केरलम’ करने प्रस्ताव पास किया गया है। अगर केंद्र सरकार भी इसे हरी झंडी देती है तो ‘केरल’ का नाम ‘केरलम’ हो जाएगा। अब राज्य सरकार ने प्रस्ताव पास करने के बाद केंद्र सरकार से भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी भाषाओं में राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने का आग्रह किया है।

क्यों हो रही केरलम की मांग?

बता दें कि मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि राज्य को मलयालम में ‘केरलम’ कहा जाता है, लेकिन अन्य भाषाओं में यह अब भी केरल ही है। दरअसल, संविधान की पहली अनुसूची में राज्य का नाम केरल लिखा हुआ है और अब इसे केरल करने की मांग की गई है और आठवीं अनुसूची में नाम बदलने के लिए कहा गया है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि 1 नवंबर 1956 को भाषा के आधार पर केरल को अलग राज्य बनाया गया था और भाषा में नाम अलग है।

केरल का नाम बदलने के इस प्रस्ताव के बाद सवाल है कि आखिर इन दोनों नाम में क्या फर्क है और केरल के नए नाम ‘केरलम’ का क्या मतलब है? बता दें कि केरल नाम की उत्पत्ति को लेकर कई तरह की थ्योरी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे पुराने दस्तावेजों के हिसाब से केरल सम्राट अशोक का 257 ईसा पूर्व का शिलालेख II है। इस शिलालेख में स्थानीय शासक को केरलपुत्र के रुप में दिखाया गया है। बता दें कि मलयालम बोलने वाले लोगों पर इस क्षेत्र के विभिन्न राजाओं और रियासतों द्वारा शासन किया गया था।

वहीं, अगर केरलम की बात करें तो इसकी उत्पत्ति चेरम से मानी गई है। मिली रिपोर्ट के मुताबिक, पहला मलयालम-अंग्रेजी शब्दकोश प्रकाशित करने वाले जर्मन विद्वान डॉ. हरमन गुंडर्ट ने कहा कि ‘केरम’ शब्द चेरम का कनारिस (कन्नड़) रूप है और उन्होंने केरलम को चेरम के रुप में बताया है। कई लोगों का मानना है कि ‘केरलम’ नाम ‘केरा’ शब्द से आया है जिसका अर्थ नारियल का पेड़ होता है। ये ही नाम बाद में केरल हुआ। वहीं, माना जाता है कि मलयालम में केरलम शब्द ही है और अंग्रेजी की वजह से इसे केरल के नाम से जाना गया।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.