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पुलिसवालों ने थाने से गाली देकर भगाया इंदौर में दुखी दिव्यांग ने फांसी लगाकर जान दी

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इंदौर। आकाशनगर निवासी 26 वर्षीय मोहन पाल ने मंगलवार रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसने पुलिस पर दुर्व्यवहार (गाली देने) का आरोप लगाया है। मोहन धोखाधड़ी की शिकायत लेकर थाने गया था। एसआइ व पुलिसकर्मियों ने उसको फटकार कर भगा दिया। मोहन ने भाई को मोबाइल पर सुसाइड नोट भी भेजा। घटना से नाराज पाल समाज ने बुधवार सुबह थाने का घेराव किया। जोन-4 के डीसीपी आरकेसिंह ने एसआइ अमोद उईके को निलंबित कर लाइन अटैच कर दिया।

26 वर्षीय मोहन पुत्र रमन पाल की रेती मंडी में चाय की दुकान थी। उसने कुछ दिनों पूर्व मलखान नामक व्यक्ति से शादी की बातचीत की थी। मलखान के माध्यम से बिहार के एक युवक से बात हुई थी। उसने मोहन से आनलाइन रुपये ले लिए थे। आर्थिक रुप से कमजोर मोहन आरोपित पर धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाना चाहता था। वह जोन-4 के डीसीपी आरकेसिंह और कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई में गया लेकिन यहां से उसे द्वारकापुरी थाना भेजा गया।

मोहन आवेदन लेकर थाने आया तो एसआइ अमोद उईके ने दुर्व्यवहार किया। गाली-गलौच की और फटकार कर भगा दिया। दुखी मोहन ने भाई रतिराम को वाट्सएप पर सुसाइड नोट भेजा और फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। रतिराम के मुताबिक, उसने रात में मैसेज देखा तो वह चौंक गया। बुधवार सुबह स्वजन और पाल समाज के पदाधिकारियों ने थाने का घेराव कर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की।

हंगामे की सूचना मिलने पर जोन-4 के एडीसीपी अभिनय विश्वकर्मा और जूनी इंदौर के एसीपी दिशेष अग्रवाल मौके पर पहुंचे। डीसीपी ने एसआइ को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए। मोहन के शव का जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। मामले में विभागीय जांच के आदेश भी दिए है।

रोते हुए बोले पिता- पुलिस से मदद मांगना गुनाह हो गया

मोहन की मौत से स्वजन दुखी है। पिता रमन पाल ने कहा मोहन दिव्यांग था। उसकी मलखान से शादी की बात हुई। मलखान ने प्रवेश नामक व्यक्ति से बात करवाई। दोनों ने मिलकर एक लाख रुपये ले लिए। मोहन की शादी नहीं हुई। न उसका फोन उठा रहे है। वह अफसरों को शिकायतें कर रहा था। अफसर उसको थाने भेज देते थे। थाने वाले उसके साथ अभद्रता करते थे। मोहन तीन भाईयों में सबसे छोटा था। बड़े भाई का नाम परसराम है। दूसरा रतिराम है।

यह है सुसाइड नोट

द्वारकापुरी पुलिस के गलत व्यवहार के कारण आज मैं मोहन पाल सुसाइड करने जा रहा हूं। मुझे एसपी आफिस से द्वारकापुरी थाने भेजा। कलेक्टर आफिस से एसपी आफिस भेजा गया। द्वारकापुरी थाने में मुझसे गाली-गलौच से बात की। मुझसे कहा कि तू वहां क्या करने गया था, इसलिए आज मैं द्वारकापुरी थाना वालों के कारण आत्महत्या कर रहा हूं। टू स्टार(एसआइ) ने मुझसे बहुत गलत बात की। मुझे बहुत ही गलत तरीके से प्रताड़ित किया गया। रिपोर्ट नहीं लिखना थी तो मुझे सीधे बोल देते, लेकिन मुझसे गलत तरीके से बात नहीं करना चाहिए थी।

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