मुंगेली। नगर पालिका क्षेत्र का कचरा ग्राम पंचायत रेहुंटा में डंप किए जाने से ग्रामीण आक्रोशित हैं। उन्होंने इसे लेकर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने क्लेक्टोरेट में संयुक्त कलेक्टर नम्रता आनंद डोंगरे को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की बात कही है। इस पर अधिकारी ने तत्काल निराकरण करने की बात कही है।
ग्राम पंचायत रेहूंटा के ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि वे नगर पालिका की मनमानी से परेशान हैं। कामता दारू भट्ठी के पास नगर भर के कचरा को डंप किया जा रहा है। इस दौरान आक्रोशित महिलाओं ने संयुक्त कलेक्टर के पास अपनी समस्याएं गिनाई। उन्होंने कहा मुंगेली से दो किलो मीटर की दूरी पर रेहुंटा है। बीच रोड पर नगरपालिका के कर्मचारियों के द्वारा कचरा फेंक दिया गया है। कचरा की बदबू के कारण लोगों का आना-जाना कठिन हो गया है। इसी मार्ग से स्कूली बच्चे और आम लोग आते जाते हैं एक ही रास्ता होने के कारण उन्हें परेशान होना पड़ता है। फेंके गए कचरा को मवेशियों के द्वारा फैला दिए जाने से सड़क में बिखरा हुआ है। कचरा के फेंके दिए जाने से गंभीर संक्रामक बीमारियों की खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्व में नगरपालिका कार्यालय मुंगेली को इस संबंध में जानकारी दी गई थी इसके बावजूद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने संयुक्त कलेक्टर से कहा फेंके गए कचरे को हटा कर दूसरी जगह डंप कर उनकी मांग पूरी नहीं होने पर चक्कजाम करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने शिकायत करते हुए बताया कि शराब भट्टी के पास स्कूली छात्रों का रोका जाने या गाली-गलौच, मारपीट की स्थिति निर्मित होती रहती है। ज्ञापन सौंपने वाले वालों में पूर्व सरपंच घनश्याम कुर्रे, मणिशंकर कुर्रे, मनोज पाटले, अजय जांगड़े, नामदेव बंजारा, रेशम लाल जांगड़े, अनिल कुमार, दिनेश यादव, भारत लाल, परमेश्वर यादव, सेवन खांडे, संजू खांडे, उर्मिला बाई ,जमुना बाई, रेवती, अनिता, संध्या, चांदनी, अरपा, दानी, सुनीता, दुर्गा, मनोज पाटले, रामप्रसाद, धीरसिंह भास्कर, अनिल, गणेश निषाद, रेश्म, रामेश्वर, मनहरण बेदुराम, पंचूराम, मल्लूराम, चंद्रभान, राजू, गोलू यादव, तोप सिंह, विष्णु सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
ग्रामीणों ने गिनाई समस्याएं
कलेक्टोरेट में ज्ञापन सौंपने पहुंची उर्मिला बाई ने बताया कि रेहुंटा में कचरा डंप किये जाने से लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है, साथ ही यहां पर सरकारी शराब दुकान में भीड़भाड़ रहता है, स्कूली बच्चे भी आते जाते हैं। उन्हें आने जाने में परेशानी होती है उनकी समस्या दूर की जाए। इसी प्रकार से नामदेव बंजारा ने कहा कि ग्रामीण परेशान हैं, सडको में मरे मवेशियों को ऐसे ही फेंक दिया जाता है, साथ ही अस्पतालों के कचरा फेंक दिया जाता है, इससे गंभीर संक्रमण का खतरा है। जल्द ही निराकरण नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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