Retired IAS Rakesh Agrawal Murder Case: भोपाल में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी की हत्या का आरोपी केयरटेकर वरुण आगरा से गिरफ्तार, पुलिस मुठभेड़ में पैर में लगी गोली
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पूर्व आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल (70) की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस हत्याकांड के बाद से फरार चल रहे मुख्य आरोपी और केयरटेकर वरुण कुमार को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के आगरा से धर दबोचा है। गिरफ्तारी से पहले मुगलिया छाप के नजदीक पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें वरुण ने पुलिस की गिरफ्त से भागने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई के दौरान उसके पैर में गोली लग गई, जिसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया। घायल अवस्था में गिरफ्तार आरोपी को इलाज के लिए भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए भोपाल पुलिस लगातार कई राज्यों में दबिश दे रही थी और इस दौरान सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए थे। इस गंभीर मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आईएएस एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था।
30 सितंबर को सूरज नगर स्थित बंगले में मिला था 70 वर्षीय रिटायर्ड आईएएस का शव, पत्नी के कमरे की बाहर से लगी थी कुंडी
दिवंगत रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल का शव गत 30 सितंबर को भोपाल के पॉश इलाके सूरज नगर स्थित उनके निजी बंगले से बरामद हुआ था। शुरुआती पुलिस जांच में यह बात सामने आई थी कि उनकी गर्दन के दोनों तरफ गहरे घाव थे। उनके घर की अलमारी का ताला टूटा हुआ मिला था, हालांकि राहत की बात यह थी कि घर से नकदी और सोने-चांदी के जेवर चोरी नहीं हुए थे, केवल मृतक का मोबाइल फोन गायब था। पुलिस को शुरू से ही यह अंदेशा था कि इस जघन्य हत्याकांड को उनके घर पर काम करने वाले केयरटेकर वरुण ने ही अंजाम दिया है, जिसे घटना से महज कुछ दिन पहले यानी 26 सितंबर को ही देखभाल के लिए रखा गया था। वारदात की रात राकेश अग्रवाल की पत्नी को रात करीब 12 बजे दवा दी गई थी, और उसके लगभग एक घंटे बाद बंगले में काम करने वाले कुक ने केयरटेकर वरुण को अत्यधिक परेशान हालत में घूमते हुए देखा था। जिस समय यह घटना हुई, उस वक्त राकेश की पत्नी दूसरे कमरे में सो रही थीं और उनके कमरे की कुंडी बाहर से बंद कर दी गई थी। सुबह के वक्त पूरे बंगले में एलपीजी गैस की तेज दुर्गंध फैलने पर कुक ने फोन करके मदद बुलाई और इसके बाद पत्नी को कमरे से बाहर निकाला गया, जिनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।
गैस सिलेंडर का खुला पाइप और रेगुलेटर मिलने से हत्या के बाद धमाका करने या आग लगाने की आशंका
घटनास्थल की गहन जांच के दौरान पुलिस को बंगले के भीतर गैस सिलेंडर का पाइप निकला हुआ और उसका रेगुलेटर पूरी तरह खुला हुआ मिला था। इस महत्वपूर्ण साक्ष्य के आधार पर यह आशंका गहरी हो गई थी कि आरोपी ने हत्या को अंजाम देने के बाद पूरे बंगले में गैस फैलाकर आग लगाने या कोई बड़ा धमाका करने की साजिश रची होगी, ताकि साक्ष्यों को पूरी तरह मिटाया जा सके। हालांकि, इस तकनीकी आशंका और अन्य पहलुओं की आधिकारिक पुष्टि विस्तृत फॉरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
करीब 20 दिनों की तलाश और सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद आगरा में पुलिस के हत्थे चढ़ा मुख्य आरोपी
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी वरुण अपना बैग और कपड़े घटनास्थल पर ही छोड़कर फरार हो गया था। पुलिस ने परिस्थितियों और साक्ष्यों का आकलन कर शुरुआत से ही केयरटेकर पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया था। पिछले करीब 20 दिनों से लगातार फरार चल रहे आरोपी की तलाश के लिए पुलिस टीमों ने कई राज्यों में दबिश दी। इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों के सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और मोबाइल सर्विलांस व अन्य तकनीकी माध्यमों से उसकी सटीक लोकेशन का पता लगाया गया। आखिरकार, लंबी मशक्कत के बाद पुलिस ने आगरा में उसे घेरकर धर दबोचा। एसआईटी और स्थानीय पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि इस पूरे हत्याकांड के पीछे के अन्य संभावित कारणों और रहस्यों से पूरी तरह पर्दा उठाया जा सके।
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