Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Supreme Court on Air Ticket Price Hike: हवाई किराये में 700% बढ़ोतरी पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पण... Tej Pratap Yadav Security Increase Demand: जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने क... ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता मिटाओ’ मार्च के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का तेलंगाना से कांग्रेस को ... गुजरात में सख्त शराबबंदी के नियमों को धत्ता बताते हुए राजकोट के एक होटल में आयोजित हुई हाई-प्रोफाइल ... पैनिक अटैक: बिना किसी वास्तविक खतरे के अचानक शरीर में क्यों उत्पन्न होने लगती है घबराहट और बेचैनी? Dewas TI Dilip Puri Murder Case: शहीद टीआई दिलीप पुरी के परिवार को 1 करोड़ की सहायता और पत्नी को एसआ... Dilip Puri Funeral Barmandal Dhar: शहीद टीआई दिलीप पुरी का पैतृक गांव बरमंडल में राजकीय सम्मान के सा... Ayodhya Ram Mandir Donation Case Supreme Court: राम मंदिर दान चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फ... Dilip Puri Murder Case Dewas: अवैध शराब पकड़ने गए टीआई दिलीप पुरी की ट्रक से कुचलकर हत्या, सिविल ड्र... PDP Foundation Day Srinagar 2026: श्रीनगर में पीडीपी के कार्यकर्ता सम्मेलन में महबूबा मुफ्ती का केंद...

MP Liquor Mafia Murder TI Dilip Puri: देवास में टीआई दिलीप पुरी की हत्या पर गरमाई सियासत, उमंग सिंघार और विश्वास सारंग के बीच तीखा वार-पलटवार

1

भोपाल: मध्य प्रदेश के देवास जिले के खातेगांव इलाके में अवैध शराब से भरे एक तेज रफ्तार ट्रक से कुचलकर थाना प्रभारी (TI) दिलीप पुरी की निर्मम हत्या किए जाने के बाद राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। इस घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है और यह बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर मध्य प्रदेश में माफिया इस कदर बेखौफ और बेलगाम कैसे हो चुके हैं। राज्य में इस तरह की यह पहली घटना नहीं है; इससे पहले साल 2012 में भी ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया था, जब युवा आईपीएस अधिकारी नरेंद्र कुमार सिंह को अवैध रेत माफिया ने ट्रैक्टर-ट्रॉली से कुचलकर मार डाला था। अब ठीक 14 साल बाद, बेलगाम माफिया ने एक बार फिर कर्तव्य पर मुस्तैद टीआई दिलीप पुरी की जान ले ली है। इस वीभत्स घटना के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने तीखा सवाल उठाया है कि आखिर बीजेपी के शासनकाल में जब खाकी के रखवाले भी शराब माफिया के ट्रकों के शिकार हो रहे हैं, तो इस संगठित अपराध को किसका संरक्षण प्राप्त है? वहीं दूसरी ओर, कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग का दावा है कि इस पूरे मामले के तार सीधे तौर पर कांग्रेस नेताओं से जुड़ते नजर आ रहे हैं।

एडीजी उपेन्द्र जैन करेंगे इस पूरे वीभत्स मामले की उच्चस्तरीय जांच, एसआईटी का किया गया गठन

इस सनसनीखेज और गंभीर मामले की तह तक जाने के लिए प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है। एडीजी उपेन्द्र जैन इस पूरे हत्याकांड और उससे जुड़े तमाम पहलुओं की गहन जांच करेंगे। देवास के एसपी आदित्य मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि यह दुखद घटना बीते रविवार की रात को घटित हुई थी, जिसके बाद से पुलिस प्रशासन द्वारा हर संभावित दिशा में लगातार दबिश और जांच की कार्रवाई की जा रही है। एसआईटी के गठन के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही जांच रिपोर्ट सामने आएगी, जिसके आधार पर दोषियों के विरुद्ध बेहद कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का सरकार पर तीखा हमला— “मुख्यमंत्री मोहन यादव मौन क्यों हैं, शराब माफियाओं को कौन दे रहा है संरक्षण?”

प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने खुला सवाल पूछा है कि आखिर भारतीय जनता पार्टी के शासन में अब पुलिसकर्मी भी शराब माफियाओं के ट्रकों से कुचले जाने के लिए क्यों मजबूर हैं? उन्होंने आड़े हाथों लेते हुए कहा कि एक तरफ राज्य की जनता जहरीली शराब का सेवन कर अपनी जान गंवा रही है, तो दूसरी तरफ कानून के रखवाले पुलिसकर्मी अपराधियों के ट्रकों का निशाना बन रहे हैं, और इसके बावजूद मुख्यमंत्री मोहन यादव इस पर पूरी तरह मौन साधे बैठे हैं। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार आखिर शराब माफियाओं के नेटवर्क पर नकेल कसने में पूरी तरह नाकाम क्यों साबित हो रही है? हर बार केवल छोटे दर्जे के अधिकारियों पर औपचारिकता के लिए कार्रवाई कर बड़े और असली जिम्मेदारों को क्यों बचाया जाता है?

मंत्री विश्वास सारंग का पलटवार— “प्रारंभिक जांच में सामने आए कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल और अन्य के तार”

इस मामले पर राजनीतिक बयानबाजी तेज करते हुए मंत्री विश्वास सारंग ने बड़ा दावा किया है कि शुरुआती जांच-पड़ताल में इस दर्दनाक घटना के तार सीधे तौर पर कांग्रेस पार्टी के नेताओं से जुड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि टिमरनी की जिस शराब दुकान से इस पूरे प्रकरण के संबंध जुड़े हैं, उसके संचालन में कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल और उनके भाई मनीष जायसवाल मुख्य पार्टनर के रूप में शामिल हैं। दुकान के मैनेजर भूपेंद्र राणा ने पुलिस को पूछताछ के दौरान इस संबंध में कई महत्वपूर्ण और चौंकाने वाले तथ्य बताए हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि राहुल जायसवाल कांग्रेस के खातेगांव विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी हैं और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के बेहद करीबी माने जाते हैं, इसलिए कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को इस गंभीर मामले पर जनता को जवाब देना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले देवास के अवैध शराब प्रकरण में भी कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल के बेटे अमन कासलीवाल की संलिप्तता सामने आ चुकी है। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों में कांग्रेस से जुड़े लोगों के नाम आना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि इस अवैध कारोबार को किसी बड़े राजनीतिक संरक्षण के बिना चलाया जाना संभव नहीं है।

मध्य प्रदेश में 2012 से लेकर 2026 तक माफियाराज का खूनी इतिहास, एक नजर उन मामलों पर जब खाकी और कानून पर चलाई गई गाड़ियां

मध्य प्रदेश के आपराधिक इतिहास को देखें तो साल 2012 से लेकर 2026 तक माफिया के बेलगाम होने और कानून को ठेंगा दिखाने की कई दर्दनाक घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं—

  • वर्ष 2012 (मुरैना): यह देश और प्रदेश को हिला देने वाला पहला बड़ा मामला था, जब तत्कालीन युवा आईपीएस अधिकारी नरेंद्र कुमार सिंह ने चंबल क्षेत्र में अवैध पत्थर से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोकने का साहस दिखाया था, तो बेखौफ माफिया ने उनके ऊपर ट्रैक्टर चढ़ा दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।

  • वर्ष 2015 (चंबल): यह दूसरा खौफनाक मामला भी चंबल संभाग का ही था, जहाँ कर्तव्य का पालन कर रहे आरक्षक धर्मेंद्र चौहान अवैध रेत से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोकने का प्रयास कर रहे थे और उन्हें भी कुचलकर मार डाला गया था।

  • वर्ष 2016 (ग्वालियर): मार्च महीने में ग्वालियर जिले के भीतर वन विभाग के रक्षक नरेंद्र शर्मा अवैध रेत परिवहन को रोकने पहुंचे थे, और वे भी माफिया की ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आकर अपनी जान गंवा बैठे थे।

  • वर्ष 2018 (मुरैना): मुरैना में एक बार फिर खूनखराबा देखने को मिला, जब डिप्टी रेंजर सुबेदार सिंह कुशवाह चंबल नदी के रास्ते अवैध रेत लेकर आ रहे वाहनों को रोक रहे थे, तो उन्हें भी बेरहमी से कुचल दिया गया था।

  • वर्ष 2023 (शहडोल): नवंबर 2023 में शहडोल जिले के देवलोद क्षेत्र में अवैध रेत खनन पर रोक लगाने और जांच करने पहुंचे पटवारी प्रशांत सिंह को भी ट्रैक्टर से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया गया था।

  • वर्ष 2024 (शहडोल): इसके ठीक एक साल बाद शहडोल के ही ब्यौहारी इलाके से फिर ऐसा ही मामला प्रकाश में आया, जहाँ अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंचे एएसआई (ASI) महेंद्र बागरी को ट्रैक्टर से कुचलकर निशाना बनाया गया था।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.