Panna Lokayukta Trap: पन्ना में जल संसाधन विभाग के दो कर्मचारी 45 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, लोकायुक्त सागर की बड़ी कार्रवाई
पन्ना: मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचाने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। लोकायुक्त सागर की विशेष टीम ने बुधवार को एक साथ कार्रवाई करते हुए जल संसाधन विभाग के दो भ्रष्ट कर्मचारियों को 45,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में विभाग के डिविजनल अकाउंटेंट यानी डीए (लेखपाल) दीपक परिहार और लिपिक अरविंद पाठक शामिल हैं। यह पूरी कार्रवाई मझगाय बांध की नहर निर्माण से जुड़े एक ठेकेदार का अंतिम भुगतान (फाइनल बिल) पास करने के एवज में अवैध वसूली की शिकायत पर की गई है, जिससे पीड़ित ठेकेदार पिछले तीन महीनों से लगातार चक्कर काट रहा था और परेशान होकर उसने लोकायुक्त का दरवाजा खटखटाया था।
मझगया डैम निर्माण और विस्थापन का मामला पहले से रहा है चर्चा में, ठेकेदार ने पत्नी के गहने गिरवी रखकर चुकाए थे दाम
पन्ना जिले के अजयगढ़ क्षेत्र में बन रहा मझगया डैम पहले से ही काफी चर्चा का केंद्र रहा है, जहां पिछले 40 दिनों से स्थानीय आदिवासी अपने विभिन्न अधिकारों और मांगों को लेकर आंदोलनरत थे। इस बीच, ग्वालियर निवासी ठेकेदार गौरव तोमर द्वारा इस प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी लगाए गए थे। ठेकेदार गौरव तोमर ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि वह मझगाय बांध में नहर का कार्य करवा रहा था, जो अब पूरी तरह से पूर्ण हो चुका था। इससे पहले उसके तीन भुगतानों का काम हो चुका था, लेकिन अंतिम पेमेंट को पास करने के नाम पर लिपिक अरविंद पाठक और लेखपाल दीपक परिहार उसे बेवजह मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। वह ग्वालियर में निवास करता था और बार-बार पेमेंट के लिए हाथ-पैर जोड़ रहा था, लेकिन काम न होने के कारण उसे इतने आर्थिक संकट से गुजरना पड़ा कि उसे अपनी पत्नी के गहने तक गिरवी रखने पड़े।
लोकायुक्त सागर की योजनाबद्ध टीम ने पन्ना स्थित जल संसाधन विभाग के डिवीजन ऑफिस में की ट्रैप कार्रवाई
अत्यधिक तंग और परेशान होने के बाद ठेकेदार एक बार फिर पन्ना पहुंचा और आरोपी लिपिक अरविंद पाठक व लेखपाल से मुलाकात की, जिन्होंने अंतिम बिल पास करने के लिए कुल 45,000 रुपये की घूस की मांग की। इस अवैध मांग से आजिज आकर उसने तुरंत लोकायुक्त पुलिस थाना सागर में लिखित शिकायत दर्ज कराई। लोकायुक्त की टीम ने पूरी शिकायत का बेहद गोपनीय तरीके से सत्यापन करवाया और मामला सौ फीसदी सही पाए जाने पर बुधवार को योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप की कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान लोकायुक्त टीम ने लिपिक अरविंद पाठक को 30,000 रुपये की रिश्वत लेते और लेखपाल दीपक परिहार को 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए डिवीजन ऑफिस के भीतर से ही रंगे हाथों धर दबोचा।
लोकायुक्त डीएसपी कमल सिंह उईके ने दी आधिकारिक जानकारी, आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई जारी
इस पूरी सफल ट्रैप कार्रवाई की पुष्टि करते हुए लोकायुक्त सागर के डीएसपी कमल सिंह उईके ने मीडिया को जानकारी दी कि ग्वालियर निवासी ठेकेदार गौरव तोमर ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी कि जल संसाधन विभाग के लिपिक अरविंद पाठक और लेखपाल दीपक (गौरव सिंह) परिहार द्वारा उनके बकाया बिल के भुगतान के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत के आधार पर गुप्त सत्यापन कराया गया और आरोप सही पाए जाने पर पन्ना स्थित जल संसाधन विभाग के कार्यालय में यह दबिश दी गई। फिलहाल, लोकायुक्त पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत कानूनी शिकंजा कस दिया है और आगे की गहन पूछताछ जारी है।
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