Ludhiana Income Tax Raid: खन्ना के ‘सुखना नशा मुक्ति केंद्र’ पर इनकम टैक्स की बड़ी रेड, हवाला और टैक्स चोरी के एंगल से जांच
लुधियाना/खन्ना: पंजाब के लुधियाना और खन्ना क्षेत्र में उस समय अफरातफरी मच गई, जब स्थानीय जी.टी.बी. मार्केट में संचालित होने वाले ‘सुखना नशा मुक्ति केंद्र’ पर सोमवार के दिन आयकर विभाग (Income Tax Department) की टीम ने अचानक छापेमारी कर दी। डिप्टी डायरेक्टर (इन्वेस्टिगेशन) करुति एम. पाटिल के नेतृत्व में अधिकारियों की यह टीम सुबह करीब 11 बजे सीधे केंद्र के अंदर दाखिल हुई और देर शाम तक लगातार वहां रखे वित्तीय दस्तावेजों, बैंक खातों और कंप्यूटर के डिजिटल रिकॉर्ड की बेहद बारीकी से छानबीन करती रही। विश्वनीय सूत्रों के अनुसार, इस लंबी चली जांच-पड़ताल के बाद केंद्र को सील किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
कार्रवाई को गोपनीय रखने के लिए स्टाफ और प्रबंधकों के मोबाइल फोन किए गए जब्त
इस पूरी रेड को पूरी तरह गोपनीय और लीक-प्रूफ बनाए रखने के लिए आयकर विभाग की टीम ने केंद्र में कदम रखते ही वहां मौजूद प्रबंधकों और तमाम स्टाफ कर्मियों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए, ताकि कोई भी बाहरी संपर्क न साध सके। अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर वित्तीय लेनदेन, भारी टैक्स चोरी और अकाउंट बुक्स में कथित हेराफेरी से जुड़ी शिकायतों के मद्देनजर तमाम वाउचर्स, रसीदों और बिलों की एक-एक प्रविष्टि की गहनता से पड़ताल की।
बीएनएक्स गोलियों की अवैध सप्लाई और हवाला के जरिए विदेश पैसे भेजने की चर्चा
सूत्रों के हवाले से यह बात भी सामने आ रही है कि इस छापामारी के दौरान नशा मुक्ति केंद्रों की आड़ में प्रतिबंधित बीएनएक्स (BNX) गोलियों की अवैध सप्लाई करने और हवाला नेटवर्क के माध्यम से काले धन को विदेशों में भेजने (मनी लॉन्ड्रिंग) जैसे गंभीर पहलुओं पर भी जांच केंद्रित रही है। बताया जा रहा है कि यह नशा मुक्ति केंद्र असल में चंडीगढ़ स्थित ‘सुमन इन्फो हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड’ नामक कंपनी की ही एक इकाई है, जिसके पंजाब के अन्य कई शहरों में भी ऐसे केंद्र संचालित हो रहे हैं। कंपनी से जुड़े अन्य वित्तीय नेटवर्क को भी अब आयकर विभाग के रडार पर ले लिया गया है।
झोटा हत्याकांड से कनेक्शन की चर्चा, अधिकारियों ने साधी चुप्पी
स्थानीय स्तर पर इस हाई-प्रोफाइल रेड के तार मानसा के चर्चित परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड से भी जोड़े जाने की चर्चाएं काफी गर्म हैं, हालांकि प्रशासनिक तौर पर इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मौके पर मौजूद आयकर विभाग के अधिकारियों ने जांच के दायरे, वित्तीय गड़बड़ियों और रिकवरी को लेकर मीडिया के सामने कुछ भी बोलने से पूरी तरह परहेज किया। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि शुरुआती जांच और दस्तावेजों की पूरी स्क्रूटनी का काम खत्म होने के बाद ही विभाग की ओर से आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा।
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