Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Amitabh Bachchan Apology: ट्वीट की नंबरिंग में हुई गलती तो महानायक अमिताभ बच्चन ने सरेआम मांगी माफी,... भारत और इंडोनेशिया के बीच प्रतिष्ठित सैन्य अभ्यास 'गरुड़ शक्ति' का 11वां संस्करण इंडोनेशिया में हुआ ... Jio Platforms IPO Listing: शेयर बाजार में रिलायंस के जियो का धमाकेदार डेब्यू, 30,200 करोड़ के मेगा आ... भारत बना आईफोन मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल हब, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का एक्सपोर्ट पहुंचा 1 लाख करोड़ के ... ग्वालियर में मोबाइल पर श्रीराम के वीडियो देखने को लेकर खूनी संघर्ष, पति ने तलवार से पत्नी पर किया जा... Gaya Cyber Fraud Case: बिहार में चल रहा था अंतरराज्यीय साइबर ठगी का मिनी कॉल सेंटर, लोन और क्रेडिट क... Punjab News: पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में नशे की सामग्री मिलने का दावा करने वाले CRPF जवान को पुल... Ganga Expressway Accident: उत्तर प्रदेश के संभल में गंगा एक्सप्रेसवे पर पलटी यात्रियों से भरी स्लीपर... Ahoi Ashtami Vrat 2026: 1 नवंबर को रखा जाएगा अहोई अष्टमी का व्रत, संतान की लंबी उम्र के लिए ऐसे करें... Indian Railways Door-to-Door Parcel Service: अब घर से पिक होगा और डेस्टिनेशन पर पहुंचेगा पार्सल, रेल...

India Gold Import Trend: भारत का सोने का आयात हुआ पारंपरिक स्विट्जरलैंड से दूर, UAE और कच्चे सोने (डोरी) पर बढ़ा फोकस

4

नई दिल्ली: अपनी भारी-भरकम मांग को पूरा करने के लिए भारत अब इस बात को लेकर काफी सक्रिय हो गया है कि यह कीमती धातु यानी सोना आखिर कहां से मंगाया जाए. कई दशकों तक सोने के आयात का तरीका बेहद सीधा और पारंपरिक था, जिसमें स्विट्जरलैंड के सुरक्षित गोदामों से सीधे शुद्ध और मुहर लगे गोल्ड का आयात किया जाता था. हालांकि, अब इस पारंपरिक तरीके में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. टैक्स में मिलने वाली छूट, भारत-संयुक्त अरब अमीरात (UAE) व्यापार समझौते के तहत मिलने वाले विशेष टैरिफ लाभ और देश के भीतर सोने की रिफाइनिंग (शुद्धिकरण) क्षमता में हुई जोरदार बढ़ोतरी के कारण भारत के सोने के आयातकों ने अपने सोर्स पूरी तरह बदलने शुरू कर दिए हैं.

घरेलू रिफाइनिंग क्षमता बढ़ने से फीकी पड़ रही स्विस सोने की चमक

पिछले पांच वर्षों के दौरान भारत के सोने के आयात के भौगोलिक स्रोतों में बड़ा बदलाव आया है, जिसका मुख्य कारण देश के भीतर ही रिफाइनिंग उद्योग का तीव्र विस्तार है. जैसे-जैसे देश में सोने को रिफाइन करने की क्षमता बढ़ी है, भारतीय रिफाइनरों ने ‘डोरे’ (Dore) के लिए बेहद मजबूत सप्लाई चेन तैयार कर ली है. इससे शुद्ध सोने के लिए स्विट्जरलैंड पर भारत की पुरानी निर्भरता काफी हद तक कम हो गई है. ‘डोरे’ सोने का वह रूप होता है जिसे आंशिक रूप से शुद्ध किया जाता है और इसमें अक्सर चांदी जैसी अन्य धातुएं भी मिली होती हैं, जिन्हें बाद में स्थानीय रिफाइनरीज में प्रोसेस करके शुद्ध सोने की छड़ें या सिक्के बनाए जाते हैं.

टैक्स छूट और भारत-UAE व्यापार समझौते का असर

भारत के टैरिफ नियमों के अनुसार, तैयार सोने (बुलियन) की तुलना में कच्चे ‘डोरे’ पर कम टैक्स लगता है, जिससे देश के भीतर काम करने वाली रिफाइनरियों को बड़ा फायदा होता है. इसके अलावा, मई 2022 में लागू हुए भारत-UAE ‘कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट’ (CEPA) के तहत ‘टैरिफ रेट कोटा’ (TRQ) सिस्टम के जरिए यूएई से सोने के आयात पर सामान्य आयात शुल्क से कम टैरिफ की सुविधा मिली है. इन सभी वजहों से भारत के पास अब सोना मंगाने के कई नए और किफायती विकल्प उपलब्ध हो गए हैं.

दुबई के रास्ते बढ़ते आयात पर विशेषज्ञों की चिंता और आंकड़े

आंकड़ों के मुताबिक, भारत के कुल सोने के आयात में स्विट्जरलैंड की हिस्सेदारी जो कभी काफी ज्यादा हुआ करती थी, वह अब घटकर लगभग आधी रह गई है, जबकि यूएई की हिस्सेदारी में उल्लेखनीय उछाल आया है. जून महीने के दौरान भारत ने यूएई से भारी मात्रा में सोने का आयात किया है. हालांकि, कुछ व्यापार विशेषज्ञों ने इस बात पर चिंता भी जताई है कि यूएई में सोने का बड़ा खनन या प्रोसेसिंग न होने के बावजूद वहां से होने वाला आयात तीसरे देशों के रास्ते टैक्स लाभ उठाने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जिस कारण ‘ओरिजिन रूल्स’ को सख्त करने की मांग उठ रही है.

भारत में आने वाले सोने के अलग-अलग रूप और सप्लाई चेन

भारत में आयात होने वाला सारा सोना एक ही उद्देश्य के लिए नहीं होता है. कुछ सोना आभूषण निर्माण और निवेश के लिए रिफाइंड बुलियन के रूप में आता है, तो कुछ घरेलू रिफाइनरियों के लिए ‘डोरे’ के रूप में मंगाया जाता है. इसके अलावा, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा विदेशी मुद्रा भंडार के प्रबंधन के तहत की जाने वाली सोने की खरीद का उद्देश्य पूरी तरह अलग होता है. जानकारों का मानना है कि भविष्य में एक पारदर्शी, मजबूत और किफायती गोल्ड सप्लाई चेन तैयार करने से देश के भीतर रिफाइनिंग को बढ़ावा मिलेगा और आभूषण उद्योग को वैश्विक स्तर पर मजबूती मिलेगी.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.