Jharkhand Robbery Case: रांची के आदर्श नगर में हुई सनसनीखेज डकैती का पर्दाफाश, बिहार-झारखंड से जुड़े थे तार
रांची: झारखंड की राजधानी रांची के कांके थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई 50 लाख रुपये से अधिक की बड़ी डकैती की गुत्थी को पुलिस ने सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने एक महिला समेत कुल छह शातिर आरोपियों को धर दबोचा है। आरोपियों के कब्जे से 4.24 लाख रुपये नकद, एक इनोवा और एक स्कॉर्पियो समेत दो लग्जरी कारें और आठ मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि बिहार से जुड़े इस संगठित गिरोह ने इस दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देने से ठीक एक महीने पहले पूरे घर की गहन रेकी की थी।
13 अक्टूबर को आदर्श नगर कॉलोनी में दिया गया था वारदात को अंजाम
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, यह घटना गत 13 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 7 से 8 बजे के बीच कांके थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली रिंग रोड स्थित आदर्श नगर कॉलोनी की है। पीड़ित रामाशंकर प्रसाद के घर में हथियारों से लैस अपराधी जबरन दाखिल हुए और परिवार को बंधक बनाकर नकदी, सोने-चांदी के साथ-साथ हीरे के कीमती जेवरात लूटकर फरार हो गए थे। इस पूरी लूटपाट में उड़े सामान की कुल कीमत 50 से 60 लाख रुपये के बीच आंकी गई थी।
एसएसपी और ग्रामीण एसपी के निर्देशन में हुआ एसआईटी का गठन
इस गंभीर वारदात की संवेदनशीलता को देखते हुए रांची के एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश और ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी के मार्गदर्शन में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। डीएसपी अमर कुमार पांडेय के नेतृत्व में काम करते हुए इस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, फॉरेंसिक विश्लेषण और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर अपराधियों की धरपकड़ के लिए जाल बिछाया।
सितंबर महीने से ही लगातार की जा रही थी घर की रेकी
पुलिस की तफ्तीश में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि ये अपराधी सितंबर 2026 से ही लगातार रामाशंकर प्रसाद के घर की टोह ले रहे थे। उन्होंने घर के सदस्यों की दिनचर्या पर पूरी नजर रखी थी। बदमाशों को अच्छी तरह पता था कि सुबह 7 से 8 बजे के बीच परिवार के पुरुष सदस्य मॉर्निंग वॉक या अन्य जरूरी कामों से घर से बाहर निकल जाते हैं, और उस समय घर में केवल बुजुर्ग और महिलाएं ही मौजूद रहती हैं। इसी सटीक जानकारी के आधार पर उन्होंने सुबह का समय चुना और इनोवा कार से पहुंचकर वारदात को अंजाम दिया।
बिहार और झारखंड के विभिन्न जिलों से धरे गए आरोपी
इस सनसनीखेज मामले में पकड़े गए आरोपियों की पहचान भोजपुर निवासी बीर बहादुर सिंह और सुधीर कुमार, भोजपुर की ही कम्मो देवी, चतरा के चंद्रशेखर पांडेय, बक्सर के सुमीत कुमार सिंह तथा औरंगाबाद के रजनीश सिंह के रूप में हुई है। इनमें से कुछ आरोपी रांची और रामगढ़ में छिपकर रह रहे थे। पुलिस पूछताछ में उन्होंने अपनी संलिप्तता कबूल करते हुए बताया कि इस पूरे गिरोह में करीब 12 से 14 अपराधी शामिल थे।
गाड़ी बदलकर भागे थे बदमाश, अन्य आरोपियों की तलाश जारी
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि डकैती के ठीक बाद अपराधियों ने इस्तेमाल की गई इनोवा कार को पिठोरिया थाना क्षेत्र के कोकदोरो चौक के पास लावारिस हालत में छोड़ दिया था और दूसरी गाड़ी से फरार हो गए थे। पुलिस ने दोनों लग्जरी गाड़ियां बरामद कर ली हैं। गिरफ्तार आरोपियों में से बीर बहादुर सिंह और रजनीश सिंह का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। पुलिस लूटे गए बाकी आभूषणों और नकदी की बरामदगी के लिए पूछताछ कर रही है तथा शेष फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी जारी है।
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