Sheopur Building Collapse News: श्योपुर के विजयपुर में भरभराकर गिरी पुराने मकान की ऊपरी मंजिल, टला बड़ा हादसा
श्योपुर: बारिश ने पुराने मकान की कमजोर दीवारों की पोल खोल दी है. लेकिन सवाल यह है कि क्या हादसों के बाद ही जर्जर भवनों की सुध ली जाएगी. श्योपुर के विजयपुर इमली चौराहे पर शनिवार की सुबह करीब 10 बजे एक पुराने मकान की ऊपरी मंजिल भरभराकर गिर गई. मकान का मलबा सड़क पर बिखर गया और इसकी चपेट में एक बाइक आ गई.
गनीमत यह रही कि उस वक्त मौके पर कोई मौजूद नहीं था, नहीं तो बड़ी जनहानि होने से कोई नहीं रोक सकता था. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई. सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची. हालांकि इस घटना ने शहर में पुराने और कमजोर मकानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
⚠️ प्रशासन पर उठ रहे सवाल, जर्जर मकानों की पहचान और कार्रवाई की मांग
बारिश के मौसम में पुराने भवनों के गिरने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि क्या नगर में जर्जर मकानों को चिह्नित करने, मकान मालिकों को सावधान करने और संभावित खतरे वाले स्थानों पर एहतियातन कदम उठाने की क्या कार्रवाई की गई है. इमली चौराहे की घटना के बाद यह भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या प्रशासन ऐसे भवनों की स्थिति का आकलन करेगा, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को होने से रोका जा सके.
स्थानीय समाजसेवी ललित मोहन शर्मा ने बताया, “विजयपुर की इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन पुराने मकान गिरने की ऐसी घटना को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. यदि प्रशासन इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाएगा तो आगे चलकर बड़ी दुर्घटना हो सकती है. प्रशासन को जल्द से जल्द सभी पुराने और खतरनाक मकानों को चिह्नित करना चाहिए.”
👨👩👦 बाल-बाल बचा मकान मालिक का परिवार, नीचे के हिस्से में होने के कारण टली अनहोनी
मकान मालिक नरेश उपाध्याय ने बताया, “मेरा परिवार इसी मकान में रहता था. नवरात्रि के दौरान साफ-सफाई और खाना बनाने के लिए हम मकान के निचले हिस्से में पहुंचे थे. शनिवार सुबह बारिश के कारण ऊपरी मंजिल अचानक गिर गई. हालांकि परिवार के सभी लोग हादसे के समय नीचे वाले हिस्से में थे. अगर परिवार ऊपरी मंजिल पर होता या मलबा गिरने के समय कोई वहां मौजूद होता, तो एक बड़ा हादसा हो सकता था.”
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.