National Social Assistance Programme: केंद्रीय मंत्रिमंडल का बड़ा फैसला, 2030-31 तक जारी रहेगा राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए अगले पाँच वर्षों यानी वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक के लिए ‘राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम’ (NSAP) को निरंतर जारी रखने की मंजूरी दे दी गई है। इस विस्तार के लिए सरकार की ओर से कुल ₹53,428 करोड़ का भारी-भरकम बजट आवंटित किया गया है, जिसके माध्यम से देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों में लगभग 3.20 करोड़ लाभार्थियों को सीधा लाभ पहुँचाया जाएगा।
इस नई मंजूरी के तहत योजना के नाम में बदलाव के साथ-साथ दिव्यांगजन पेंशन की पात्रता और सहायता राशि के नियमों में भी संशोधन किया गया है, जबकि वृद्ध और विधवा पेंशन योजनाएं अपने मौजूदा स्वरूप में ही आगे भी जारी रहेंगी।
💰 दिव्यांगजन पेंशन और पात्रता में अहम बदलाव
संशोधित प्रावधानों के अनुसार दिव्यांगजन पेंशन योजना में निम्नलिखित बदलाव किए गए हैं:
-
सहायता राशि: 0 से 79 वर्ष आयु वर्ग के लिए पेंशन राशि 375 रुपये और 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के लिए 625 रुपये तय की गई है।
-
दिव्यांगता का मानदंड: ‘दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016’ के तहत बेंचमार्क दिव्यांगता का मानदंड अब मौजूदा 80% के मुकाबले घटाकर 40% कर दिया गया है। साथ ही, दिव्यांगता पेंशन के लिए न्यूनतम आयु का मानदंड अब जन्म से लागू होगा।
-
वृद्ध, विधवा और परिवार लाभ योजनाएं पहले की तरह ही यथावत जारी रहेंगी। इन सभी दिशा-निर्देशों और बदलावों को अगले तीन महीनों के भीतर पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा।
🏷️ बदले गए योजनाओं के नए नाम
कैबिनेट की इस मंजूरी के बाद ‘राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम’ का नाम बदलकर आधिकारिक तौर पर ‘प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना’ कर दिया गया है। इसके अंतर्गत आने वाली अन्य उप-योजनाओं के नाम भी संशोधित किए गए हैं:
-
इंदिरा गांधी नेशनल ओल्ड एज पेंशन स्कीम का नया नाम ‘प्रधानमंत्री ओल्ड एज पेंशन स्कीम’ होगा।
-
इंदिरा गांधी नेशनल विडो पेंशन स्कीम अब ‘प्रधानमंत्री विडो पेंशन स्कीम’ के नाम से जानी जाएगी।
-
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना का नाम बदलकर ‘प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना’ रखा गया है।
-
राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना का नया नाम ‘प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना’ कर दिया गया है।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.