Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Madhya Pradesh Tragedy: तीन महीनों में एक ही घर से उठीं 3 अर्थियां, युवक को जिंदा जलाने के मामले में... Shivraj Singh Chouhan Update: कोसमी गांव में प्रशासनिक कार्रवाई पर कृषि मंत्री ने जताई नाराजगी, नए घ... Madhya Pradesh Update: जबलपुर में प्रेम विवाह का खौफनाक अंत, मामूली कहासुनी में पत्नी ने उतारा मौत क... Pimpri Chinchwad News: निगड़ी के शिव मंदिर में नाबालिग से दरिंदगी की कोशिश, मेट्रो निर्माण का आरोपी ... MPSC Protest Ends: महाराष्ट्र में MPSC अभ्यर्थियों का 10 दिन बाद खत्म हुआ आंदोलन, न्यायिक जांच समिति... Yogi Adityanath News: सीएम योगी का कांग्रेस पर बड़ा हमला, कहा- देश में अराजकता का पर्याय बन चुकी है ... UP News: प्रयागराज STF के दरोगा पर हिसार में भ्रष्टाचार का मामला दर्ज, रिश्वत में मांगे मवेशी और पाल... Rajasthan University News: जोधपुर आयुर्वेद विश्वविद्यालय में प्रोफेसर की करतूत उजागर, छात्राओं की शि... Rajasthan Crime Update: भरतपुर में क्रेशर प्लांट विवाद ने लिया खूनी रूप, बीजेपी के पूर्व नेता पर लाठ... Bihar Navratri Tragedy: नदियां-तालाब में जल लेने गए 16 श्रद्धालुओं की डूबने से मौत, 10 जिलों में छाय...

Giridih Ration Scam Update: दो पहिया वाहनों के नंबर पर मिला राशन ढोने का टेंडर, राजनीतिक हलकों में मचा हड़कंप

1

झारखंड के गिरिडीह जिले में सरकारी अनाज को प्रखंड गोदामों से जन वितरण प्रणाली (PDS) दुकानों तक पहुंचाने वाले ‘डोर स्टेप डिलीवरी’ (DSD) टेंडर में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। मालवाहक वाहनों की जगह दो पहिया (बाइक) वाहनों का रजिस्ट्रेशन नंबर दिखाकर निविदा लेने का मामला अब पूरी तरह तूल पकड़ चुका है। बगोदर के पूर्व विधायक व भाकपा माले नेता विनोद कुमार सिंह ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा है कि गलत वाहनों का ब्योरा देकर टेंडर लेने वाला संवेदक तो दोषी है ही, साथ ही उन अधिकारियों की भूमिका भी कटघरे में है जिन्होंने बिना जांच-पड़ताल के टेंडर स्वीकृत किया था।

📜 गाड़ियों की लंबी सूची सौंपकर चंद वाहनों से उठाव: ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक ने उठाई अधिकारियों पर FIR की मांग

पूर्व विधायक ने टेंडर प्रक्रिया के दौरान संवेदकों द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली वाहनों की लंबी सूची पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि करार के समय दर्जनों वाहनों की सूची जमा की जाती है, लेकिन हकीकत में सरकारी गोदामों से अनाज का उठाव महज कुछ चुनिंदा वाहनों से ही कराया जाता है। उधर, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के नेता राजेश यादव ने इसे सीधा टेंडर घोटाला करार देते हुए कहा कि संवेदक और टेंडर निष्पादित करने वाली पूरी अफसरशाही की टीम पर तत्काल प्राथमिकता (FIR) दर्ज कर निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

📰 बेंगाबाद समेत कई प्रखंडों में सामने आई धांधली: मीडिया में खबर छपते ही आपूर्ति विभाग और संवेदकों में मचा हड़कंप

यह पूरा मामला पिछले वर्ष हुए डोर स्टेप डिलीवरी के टेंडर से जुड़ा हुआ है। बेंगाबाद समेत कई अन्य प्रखंडों के संवेदकों ने टेंडर हासिल करने के लिए जो गाड़ियो की लिस्ट सौंपी थी, उसमें जांच के दौरान कई बाइक व दो पहिया वाहनों के नंबर दर्ज पाए गए। जिला परिवहन अधिकारी (DTO) से जानकारी लेने के बाद जब 11 अक्टूबर को यह खबर प्रमुखता से प्रकाशित हुई, तो विभागीय गलियारों में हड़कंप मच गया। अब अनाज गोदामों के कर्मियों, संवेदकों और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हड़कंप का माहौल है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.