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Maharaja Chet Singh District Hospital Gyandur: ज्ञानपुर अस्पताल की शर्मनाक घटना, शासन को भेजी गई रिपोर्ट

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलने वाला एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। ज्ञानपुर स्थित महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल पहुंची एक प्रसव पीड़ित महिला को कथित तौर पर अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया और बाहर भेज दिया गया। अस्पताल के गेट से बाहर निकलते ही महिला की हालत बिगड़ गई और उसने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया और कड़े कदम उठाए गए हैं।

🩺 सीएमओ ने दी सफाई, कहा- हीमोग्लोबिन था कम, बेहतर इलाज के लिए किया गया था रेफर

यह पूरा मामला ज्ञानपुर के महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल का है, जहां जोरई निवासी करीब 20 वर्षीय रानी प्रसव पीड़ा होने पर अपने परिजनों के साथ पहुंची थी। महिला का आरोप था कि उसे अस्पताल में भर्ती करने के बजाय टरका दिया गया। वहीं, भदोही के सीएमओ डॉ. संतोष कुमार चक ने बताया कि महिला की जांच में उसका हीमोग्लोबिन स्तर महज 5 ग्राम पाया गया था, जिसके चलते उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे वाराणसी बीएचयू या मिर्जापुर रेफर किया गया था, लेकिन एंबुलेंस संपर्क न होने से यह स्थिति उत्पन्न हुई।

⚖️ लापरवाही बरतने वाले डॉक्टर की सेवा समाप्त, स्टाफ नर्स का ट्रांसफर और सीएमएस पर कार्रवाई की सिफारिश

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई की है। सीएमओ ने बताया कि जिला अस्पताल में तैनात ईएमओ डॉ. पंकज कुमार की सेवा समाप्त कर दी गई है। इसके अलावा महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश प्रजापति की सितंबर माह की सैलरी रोक दी गई है, स्टाफ नर्स नीलम मौर्या का ट्रांसफर औराई अस्पताल कर दिया गया है। साथ ही, ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाली वरिष्ठ महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. नीलिमा धवन और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) के खिलाफ भी शासन को पत्र भेजकर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।

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