तरनतारन: बीते अप्रैल महीने में शंभू रेलवे ट्रैक पर हुए संदिग्ध बम धमाके में मारे गए गांव पंजवड़ निवासी जगरूप सिंह के घर नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की टीम के पहुंचने की बड़ी खबर सामने आई है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी लगातार विदेशी लिंक और आतंकी साजिश के पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही है।
वीरवार सुबह जांच एजेंसी की अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और गांव में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हलचल तेज हो गई।
🕵️♂️ 8 से 10 अधिकारियों की टीम ने डाला डेरा: परिजनों से कई घंटों तक चली सघन पूछताछ
छापेमारी और पूछताछ की प्रक्रिया का ब्योरा:
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सुबह अचानक पहुंची टीम: सूत्रों के अनुसार, विधानसभा हलका तरनतारन के अंतर्गत आने वाले गांव पंजवड़ में जगरूप सिंह (पुत्र लखविंदर सिंह) के पैतृक घर पर वीरवार सुबह एनआईए की टीम बिना किसी पूर्व सूचना के पहुंची।
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अधिकारियों का बड़ा दल: गाड़ियों में सवार होकर पहुंचे करीब 8 से 10 वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत घर को अपने घेरे में ले लिया।
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परिजनों से सवाल-जवाब: टीम ने जगरूप सिंह की मां, पत्नी, चाचा और परिवार के अन्य सदस्यों को आमने-सामने बैठाकर कई घंटों तक कड़ी पूछताछ की और घटना से जुड़े तार खंगाले।
📱 विदेशी फंडिंग के शक में मोबाइल और दस्तावेज जब्त: स्थानीय पुलिस को भी नहीं लगी भनक
जांच की मुख्य दिशा और बरामदगी का विवरण:
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विदेशी फंडिंग का शक: सूत्रों से जानकारी मिली है कि विदेश में बैठे भारत विरोधी तत्वों व आतंकी नेटवर्क द्वारा जगरूप सिंह और उसके परिवार के सदस्यों को आर्थिक मदद (फंडिंग) मुहैया कराए जाने के इनपुट मिले थे, जिसकी पुष्टि के लिए यह तलाशी ली गई।
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इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य कब्जे में: जांच एजेंसी की टीम जगरूप सिंह की पत्नी व अन्य सदस्यों के मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और कुछ अहम दस्तावेज जांच के लिए अपने साथ ले गई है।
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अत्यंत गोपनीय ऑपरेशन: परिवार के सदस्यों से गहन पूछताछ पूरी करने के बाद टीम रवाना हो गई। बताया जा रहा है कि सुरक्षा और गोपनीयता के मद्देनजर इस रेड की भनक स्थानीय पुलिस तक को नहीं लगने दी गई थी।
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