Haryana Teachers Transfer: हरियाणा के सरकारी शिक्षकों को बड़ी राहत, नए जिलों में तैनात शिक्षक लौट सकेंगे पुराने स्कूल
चंडीगढ़: हरियाणा के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग की ओर से एक बड़ी और सुकून देने वाली खबर सामने आई है।
मौलिक शिक्षा निदेशालय ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के विभिन्न आदेशों के अनुपालन में नए जिलों में स्थानांतरित होकर कार्यभार (जॉइनिंग) संभाल चुके शिक्षकों के संबंध में नए और महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
निदेशालय द्वारा जारी इन ताजा निर्देशों के तहत अब इच्छुक शिक्षक अपनी सुविधानुसार वापस अपने पुराने विद्यालयों में कार्यग्रहण (Re-joining) कर सकेंगे, जिससे लंबे समय से मानसिक व पारिवारिक तनाव झेल रहे शिक्षकों को बड़ा संबल मिला है।
📜 क्या है नया आदेश और वापसी के नियम? 31 मार्च 2027 तक मिलेगी विशेष छूट
निदेशालय द्वारा जारी आदेश की मुख्य शर्तें और समय-सीमा:
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पुराने स्कूल में वापसी की छूट: निदेशालय द्वारा 30 सितंबर को जारी किए गए आधिकारिक आदेश के अनुसार, जिन वादी शिक्षकों को 25 सितंबर के निर्देशों के तहत उनके पुराने स्कूलों से कार्यमुक्त (Relieve) कर नए आवंटित जिलों में जॉइन करवाया गया था, वे यदि चाहें तो दोबारा अपने पुराने विद्यालय में कार्यग्रहण कर सकते हैं।
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शैक्षणिक सत्र 2026-27 तक प्रभावी: शिक्षकों को दी गई यह विशेष व्यवस्था और प्रशासनिक छूट वर्तमान पूरे शैक्षणिक सत्र यानी 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी।
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स्वैच्छिक विकल्प: यह पूरी तरह से शिक्षक की इच्छा पर निर्भर करेगा कि वह नए स्कूल में बने रहना चाहता है अथवा पुराने विद्यालय में लौटना चाहता है।
⚖️ भविष्य के ट्रांसफर ड्राइव को लेकर स्थिति स्पष्ट: स्थायी जिले से ही प्रक्रिया में होंगे शामिल
आगामी स्थानांतरण नीतियों और आवंटन को लेकर विभागीय निर्देश:
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स्थायी आवंटन ही रहेगा आधार: मौलिक शिक्षा विभाग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि 31 मार्च 2027 तक की निर्धारित अवधि के दौरान यदि विभाग द्वारा कोई नया सामान्य स्थानांतरण अभियान (General Transfer Drive) चलाया जाता है, तो संबंधित शिक्षकों को पूर्व में आवंटित स्थायी जिले से ही आवेदन करना होगा।
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पूर्व आदेशों का हवाला: शिक्षकों को 18 अक्टूबर 2023 और 16 मार्च 2024 के पूर्ववर्ती विभागीय आदेशों के तहत जो स्थायी जिला आवंटित किया गया था, वे उसी कैडर और जिले के आधार पर आगामी ऑनलाइन ट्रांसफर प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगे।
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अदालती आदेशों के तहत मिली राहत: विभाग के इस संवेदनशील और व्यावहारिक निर्णय से उन सभी वादी शिक्षकों व उनके परिवारों ने राहत की सांस ली है, जो हाल ही में अदालती निर्देशों के त्वरित अनुपालन के चलते अचानक दूर-दराज के नए जिलों में स्थानांतरित कर दिए गए थे।
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