हरियाणा के सरकारी अस्पतालों के लिए CM नायब सैनी का बड़ा फैसला: डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों को मिलेगा स्पेशल इंसेंटिव
चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर को बेहतर बनाने और मरीजों की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से एक अहम नीतिगत निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में आने वाले मरीजों की संख्या के आधार पर चिकित्सकों, पैरामेडिकल व सहायक स्टाफ तथा आयुष्मान मित्रों को ‘स्पेशल इंसेंटिव’ (विशेष प्रोत्साहन राशि) देने के प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी प्रदान कर दी है।
इस नई व्यवस्था के तहत आयुष्मान भारत और चिरायु हरियाणा योजना के अंतर्गत उपचार कराने वाले मरीजों से सरकारी अस्पतालों को मिलने वाली क्लेम राशि का सीधा उपयोग अस्पताल स्टाफ के वित्तीय प्रोत्साहन, चिकित्सालयों के बुनियादी ढांचे के अपग्रेडेशन, रख-रखाव और स्वच्छता सहित अन्य मरीज-हितैषी सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर किया जाएगा।
🩺 आयुष्मान व चिरायु योजना के दायरे का विस्तार: डायबिटिक रेटिनोपैथी भी पैकेज में होगी शामिल
समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य योजनाओं को लेकर दिए गए मुख्य निर्देश:
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सरकारी अस्पतालों पर बढ़े भरोसा: सिविल सचिवालय में स्वास्थ्य विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आयुष्मान भारत और चिरायु योजना के अधिक से अधिक लाभार्थियों को सरकारी अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण इलाज के लिए प्रेरित किया जाए।
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नए उपचार पैकेज: मुख्यमंत्री ने सरकारी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत उपलब्ध उपचार पैकेजों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।
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डायबिटिक रेटिनोपैथी शामिल: आंखों की गंभीर बीमारी ‘डायबिटिक रेटिनोपैथी’ (Diabetic Retinopathy) के उपचार को भी तत्काल प्रभाव से आयुष्मान योजना के पैकेज में शामिल करने को कहा गया है, जिससे जरूरतमंद मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
👨⚕️ डॉक्टरों, रेडियोलॉजिस्ट और कार्डियोलॉजिस्ट के रिक्त पद भरेंगे: ओपन भर्ती व्यवस्था शुरू करने के आदेश
चिकित्सा विशेषज्ञों की कमी दूर करने की रणनीति:
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तत्काल भर्ती के निर्देश: मुख्यमंत्री सैनी ने प्रदेश के अस्पतालों में रिक्त पड़े विशेषज्ञ चिकित्सकों, विशेषकर रेडियोलॉजिस्ट और कार्डियोलॉजिस्ट के पदों को अविलंब भरने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
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ओपन रिक्रूटमेंट मॉडल: नियमित भर्ती प्रक्रियाओं के साथ-साथ विशेषज्ञों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ‘ओपन भर्ती’ (वॉक-इन या त्वरित संविदा प्रणाली) की व्यवस्था शुरू करने को कहा गया है, ताकि विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से आम मरीजों को परेशानी न हो।
💻 सीएचसी, पीएचसी से लेकर सब सेंटर होंगे ऑनलाइन: रियल टाइम दर्ज होगा मरीज का रिकॉर्ड
डिजिटल हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर का आधुनिकीकरण:
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केंद्रीकृत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म: राज्य के सभी जिला अस्पतालों और उपमंडल अस्पतालों के साथ-साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और ग्रामीण सब-सेंटर्स को एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
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पारदर्शी प्रक्रिया: मरीज के ओपीडी पंजीकरण से लेकर लैब जांच, चिकित्सकीय परामर्श और फार्मेसी से दवा वितरण तक की पूरी प्रक्रिया रियल-टाइम डेटा के रूप में ऑनलाइन दर्ज की जाएगी।
💊 1 नवंबर तक खुलेंगी अमृत फार्मेसियां: खराब उपकरणों की उसी दिन होगी मरम्मत
जवाबदेही और सस्ती दवाओं की उपलब्धता:
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उसी दिन ठीक होंगे उपकरण: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट आदेश दिया कि यदि अस्पताल में कोई भी चिकित्सा उपकरण खराब होता है, तो उसे उसी दिन दुरुस्त कराया जाए। यदि उपकरणों की मरम्मत में लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों व तकनीकी एजेंसी की सीधी जवाबदेही तय की जाएगी।
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अमृत फार्मेसी का लक्ष्य: प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में रियायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने के लिए 1 नवंबर (हरियाणा दिवस) तक अनिवार्य रूप से ‘अमृत फार्मेसी’ खोलने का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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