Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
MP Political News: वरिष्ठ नेता तरुण कुमार गोले को मिली बड़ी जिम्मेदारी, मध्य प्रदेश के लिए FCI सलाहक... Goregaon Public Toilet Tragedy: संदिग्ध जहरीली गैस के रिसाव से हड़कंप, ट्रॉमा केयर अस्पताल में डॉक्ट... Maharashtra Drought Relief: बिजली बिल में छूट और लोन वसूली पर रोक, राज्य सरकार ने किसानों के लिए उठा... Google Photos New AI Features: गूगल फोटोज में आए Redact Pen और Moods जैसे कमाल के टूल्स, फोटो एडिटिं... Sita Curse to Crow: पितृ पक्ष में कौवे को क्यों खिलाते हैं भोजन? जानिए माता सीता के श्राप और गयाजी प... स्किन और हेयर केयर में एलोवेरा जेल का महत्व: अनजाने में होने वाली एक गलती पड़ सकती है भारी Ambala Road Accident: कालका चौक पर बस और ट्राले की भीषण टक्कर, दिल्ली निवासी युवक की मौत; कई घायल Haryana Guest Teachers: HTET पास न होने पर नहीं जाएगी गेस्ट टीचरों की नौकरी, 1 हफ्ते में शुरू होगी न... सीएम विंडो और सोशल मीडिया ग्रीवांस ट्रैकर बने समाधान का मजबूत माध्यम: 80% से अधिक शिकायतों का निपटार... Kurukshetra Road Accident: पिहोवा में कुरुक्षेत्र रोड पर भीषण सड़क हादसा, आटा लेने निकले 17 वर्षीय क...

Yamunanagar News: कैल सॉलिड वेस्ट प्लांट में कूड़ा जलाने पर नगर निगम पर ₹7.18 करोड़ का जुर्माना, प्रदूषण बोर्ड सख्त

1

यमुनानगर: कैल स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में पर्यावरण संरक्षण नियमों के खुले उल्लंघन पर हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। प्लांट परिसर में खुलेआम कूड़ा जलता पाए जाने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नगर निगम यमुनानगर पर ₹7.18 करोड़ का भारी-भरकम जुर्माना लगा दिया है। इस बड़ी दंडात्मक कार्रवाई के बाद दोनों सरकारी विभागों के बीच प्रशासनिक तनातनी तेज हो गई है।

यमुनानगर शहर से रोजाना लगभग 250 से 280 मीट्रिक टन कचरा निकलता है, जिसे नगर निगम की कचरा गाड़ियां एकत्रित कर कैल स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में डंप करती हैं। प्रदूषण बोर्ड के अधिकारियों द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान प्लांट के भीतर बड़े पैमाने पर कचरा धधकता हुआ पाया गया, जिसे पर्यावरण सुरक्षा नियमों का प्रत्यक्ष व गंभीर उल्लंघन माना गया है।

⚖️ पर्यावरण अनुकूल निस्तारण निगम की जिम्मेदारी: प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कड़ा रुख

नियमों के अनुपालन पर बोर्ड का पक्ष:

  • सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स का हवाला: हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप सिंह ने स्पष्ट किया कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स के तहत कूड़े का वैज्ञानिक और पर्यावरण-अनुकूल निस्तारण सुनिश्चित करना पूरी तरह नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

  • निगरानी में लापरवाही: उन्होंने कहा कि शहर तथा डंपिंग साइट पर कचरा जलाने वाले तत्वों पर निगरानी रखना और कार्रवाई करना भी नगर निगम के क्षेत्राधिकार में आता है। ऐसे में प्लांट के अंदर ही कचरा जलने जैसी भारी लापरवाही पर दंडात्मक कार्रवाई पूरी तरह जायज है।

🏛️ निगम आयुक्त ने जताई कड़ी आपत्ति: ₹7.18 करोड़ का जुर्माना थोपना अनुचित

नगर निगम का रुख और आपत्तियां:

  • कार्रवाई पर एतराज: दूसरी ओर, नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की इस एकतरफा कार्रवाई पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

  • सदन में उठ चुका है मुद्दा: निगम आयुक्त का तर्क है कि सदन की बैठकों में पहले भी यह विषय चर्चा में आ चुका है कि अनधिकृत रूप से कूड़ा जलाने वालों की पहचान और उन पर कार्रवाई की प्रक्रिया क्या होगी।

  • जमीनी हकीकत की अनदेखी: निगम प्रशासन का कहना है कि वास्तविक व्यावहारिक परिस्थितियों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को नजरअंदाज करते हुए सीधे ₹7.18 करोड़ का भारी जुर्माना थोप देना कतई उचित नहीं है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.