Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Hisar ACB News Haryana: फिटनेस सेंटर की अनुमति देने की एवज में ले रहा था रिश्वत, एसीबी ने बिछाया जाल MP Politics News Jitu Patwari: 'बाघों के कॉरिडोर में माइनिंग क्यों?'; कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का सरक... Akhilesh Yadav PDA Campaign UP Election 2027: जो पीड़ित, वही पीडीए... कांग्रेस के गढ़ से सपा ने फूंक... SP Chief Akhilesh Yadav Raebareli Visit: भगवान कृष्ण और सुदामा की थीम पर लगा बैनर, विधायक राहुल लोधी... Kanpur Millionaire Pharma Trader Murder: करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में चौंकाने वा... Uttar Pradesh Crime News: महोबा में नशेड़ी बेटे की हैवानियत, मामूली बात पर मां की हत्या कर गिरफ्तार ... Run For Safe Digital Bharat Chandigarh: ट्राईसिटी मैराथन में फिटनेस के साथ साइबर सुरक्षा का संदेश, ग... Haryana Road Accident Update: सिरसा सड़क हादसे में मची चीख-पुकार, घायलों को अस्पताल में कराया गया भर... Haryana Fatal Bike Crash: हांसी के नारनौंद क्षेत्र में हुआ खौफनाक सड़क हादसा, तीन परिवारों में पसरा ... Chandigarh News Gen-Z Mayor Claim: चुनाव से पहले आप का बड़ा दावा, कहा—जीत के बाद हमारी पार्टी से बनेग...

Hisar ACB News Haryana: फिटनेस सेंटर की अनुमति देने की एवज में ले रहा था रिश्वत, एसीबी ने बिछाया जाल

1

हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Haryana Anti Corruption Bureau) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए परिवहन विभाग के एक कर्मचारी को 2 लाख रुपये की नगद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान परिवहन विभाग में बतौर सहायक कार्यरत किशोरी कुमार के रूप में हुई है. आरोपी पर ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े एक व्यक्ति से वाहनों के फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने और उनके नवीनीकरण की प्रशासनिक अनुमति के नाम पर अवैध रूप से घूस मांगने का गंभीर आरोप है.

📋 2. फिटनेस सेंटर की अनुमति देने के एवज में मांगी थी घूस, एसीबी की हिसार यूनिट ने बिछाया खास जाल

एसीबी के हिसार कार्यालय से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, पानीपत के एक ट्रांसपोर्टर को व्यावसायिक वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र और उनके रिन्यूअल के लिए हरियाणा परिवहन आयुक्त कार्यालय (चंडीगढ़) से प्रशासनिक स्वीकृति की जरूरत थी. आरोप है कि सहायक किशोरी कुमार ने अनुमति पत्र सौंपने के बदले 2 लाख रुपये की मांग की थी. परेशान पीड़ित ने एसीबी से शिकायत की, जिसके बाद एसीबी की हिसार और भिवानी यूनिट ने संयुक्त ट्रैप लगाकर आरोपी को हिसार में रिश्वत के 2 लाख रुपये लेते हुए दबोच लिया.

⚖️ 3. भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज, अन्य कर्मचारियों की संलिप्तता की भी हो रही जांच

एसीबी ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली है और उसके खिलाफ हिसार एसीबी थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 और बीएनएस (BNS) की धारा 308(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. एसीबी अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध वसूली के खेल में विभाग के अन्य कौन-कौन से अधिकारी या कर्मचारी शामिल हैं.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.