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Nuh ACB Raid: नूंह DEO कार्यालय का क्लर्क 25 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, मेडिकल बिल पास कराने के नाम पर मांगी थी घूस

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नूंह (हरियाणा): राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV & ACB), अंबाला की विशेष टीम ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय, नूंह में पदस्थ क्लर्क मोहम्मद साकिर को ₹25,000 की रिश्वत राशि स्वीकार करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है।

आरोपी क्लर्क ने शिकायतकर्ता के दिवंगत पिता के लगभग ₹7.13 लाख के लंबित मेडिकल रिइम्बर्समेंट (चिकित्सा प्रतिपूर्ति) बिल को प्रोसेस और पास कराने की एवज में इस अवैध रिश्वत की मांग की थी।

📋 क्या है पूरा मामला: दिवंगत पिता के मेडिकल बिल भुगतान के नाम पर वसूली

शिकायत और अवैध वसूली की पृष्ठभूमि:

  • दिवंगत कर्मचारी का बिल: शिकायतकर्ता ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को दी गई आधिकारिक शिकायत में बताया कि उनके पिता स्वर्गीय श्री राम गोपाल शर्मा शिक्षा विभाग से क्लर्क पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनके इलाज से संबंधित ₹7,13,000 की चिकित्सा प्रतिपूर्ति राशि का भुगतान कराने के लिए आरोपी क्लर्क लगातार रिश्वत की मांग कर रहा था।

  • पहले भी ऐंठ चुका था रकम: प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपी क्लर्क शिकायतकर्ता से पूर्व में ही ₹40,000 की अवैध राशि बतौर रिश्वत वसूल चुका था।

  • अतिरिक्त मांग पर ट्रैप: इसके बावजूद आरोपी ने शेष फाइल को आगे बढ़ाने के लिए ₹25,000 की अतिरिक्त मांग रखी, जिसके बाद पीड़ित ने परेशान होकर सीधे सतर्कता ब्यूरो से संपर्क साधा।

⚖️ राजपत्रित अधिकारी और गवाहों के सामने ट्रैप: गुरुग्राम एसीबी थाने में केस दर्ज

विधिक कार्रवाई और धाराओं का ब्योरा:

  • सत्यापन के बाद बिछाया जाल: शिकायत का गोपनीय सत्यापन कराने के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी मोहम्मद साकिर ने ₹25,000 की रिश्वत राशि थामी, टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।

  • स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी: यह पूरी धरपकड़ एक राजपत्रित अधिकारी (गैजेटिड ऑफिसर) और शैडो विटनेस की प्रत्यक्ष निगरानी में पारदर्शी तरीके से संपन्न की गई।

  • मुकदमा दर्ज: इस प्रकरण में थाना SV & ACB, गुरुग्राम में एफआईआर संख्या 38 (दिनांक 07.09.2026) के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 एवं भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(2) के अंतर्गत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

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