Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
US Stance on India Internal Matters: भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने से अमेरिका का इनकार, अमेरिकी... Delhi High Court Observation: 'आप लोग जेन-जी नहीं हैं...' कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ताओं पर कोर्ट ... Tiger Shroff Attack Case Update: टाइगर श्रॉफ पर हमले की साजिश का बड़ा खुलासा, लॉरेंस बिश्नोई गैंग के... Smriti Irani Attacks Rahul Gandhi: स्मृति ईरानी का राहुल गांधी पर तीखा हमला, महिला पुलिस अफसर के साथ... Mallikarjun Kharge Letter to PM Modi: परिसीमन और संविधान संशोधन को लेकर मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मो... UP Congress Press Conference: यूपी कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर बोला बड़ा हमला, एसआईआर प्रक्रिया में गड... Akhilesh Yadav Warning to Officers: राजनीतिक कार्यकर्ता बनकर काम करने वाले अधिकारियों को जेल जाने की... Supaul News: बिहार के सुपौल में 9 दिनों तक छाती पर कलश रखकर मां दुर्गा की आराधना करने वाली महिला की ... Haridwar Ganga Canal Cleaning News: हरिद्वार में हर की पैड़ी पर सूखी गंगा की धारा, मरम्मत और सफाई के... मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने दिए आवासीय विद्यालयों की व्यवस्था सुधारने के निर्देश, सोसाइटी के माध्यम ...

Kanpur Jajmau Soil Erosion: गंगा किनारे बने 3 मंजिला अपार्टमेंट में आईं दरारें, मिट्टी खिसकने से दहशत में 40 से ज्यादा परिवार

25

कानपुर (उत्तर प्रदेश): पड़ोसी देश नेपाल में भारी बारिश व भूस्खलन की विभीषिका के बीच अब कानपुर के जाजमऊ क्षेत्र से भी बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई है।

लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते गंगा नदी की तरफ बड़े पैमाने पर मिट्टी खिसकने से मक्कू सईद भट्ठा इलाके में स्थित ‘शकीना अपार्टमेंट’ की पिछली सुरक्षा बाउंड्री भरभराकर ढह गई। बाउंड्री गिरने के साथ ही तीन मंजिला मुख्य भवन के कुछ हिस्सों में भी गहरी दरारें साफ देखी गई हैं। इस अप्रत्याशित घटना के बाद अपार्टमेंट में निवास कर रहे 40 से अधिक परिवारों के सिर पर गंभीर अनहोनी और विस्थापन का खतरा मंडराने लगा है।

🧱 3 मंजिला इमारत में 40 से अधिक परिवार: 2011 में बने फ्लैट्स में निर्माण मानकों की अनदेखी

इमारत की संरचना और वर्तमान स्थिति:

  • फ्लैट्स और आबादी: मक्कू सईद भट्ठा क्षेत्र में बनी यह बहुमंजिला इमारत लगभग तीन मंजिला है, जिसमें 45 से अधिक फ्लैट्स मौजूद हैं और वर्तमान में 40 से ज्यादा परिवार यहां निवास कर रहे हैं।

  • अचानक दरकी मिट्टी: स्थानीय नागरिकों के अनुसार, गुरुवार सुबह गंगा किनारे की मिट्टी का एक बहुत बड़ा हिस्सा दरक गया, जिससे नदी की ओर स्थित पूरी बाउंड्री वॉल जमींदोज हो गई।

  • मानकों की अनदेखी का आरोप: स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह अपार्टमेंट वर्ष 2011 के आसपास निर्मित हुआ था। आरोप है कि बिल्डर ने निर्माण के दौरान नदी तटीय संवेदनशील क्षेत्रों के आवश्यक सुरक्षा मानकों और भू-तकनीकी नियमों की पूरी तरह अनदेखी की।

⚠️ ‘घर खाली कराया तो कहां जाएंगे?’: डर और मजबूरी के बीच जोखिम में रहने को मजबूर लोग

निवासियों की लाचारी और विस्थापन का भय:

  • नींव प्रभावित होने की आशंका: लोगों को सबसे बड़ा भय इस बात का है कि यदि इसी तीव्र गति से गंगा की कटान जारी रही, तो चहारदीवारी के बाद अपार्टमेंट की मुख्य नींव (फाउंडेशन) भी धंस सकती है।

  • प्रशासनिक कार्रवाई का डर: खतरे की स्पष्ट आहट के बावजूद कई निवासी खुलकर प्रशासनिक अधिकारियों के सामने आने से कतरा रहे हैं।

  • बारिश में बेघर होने की चिंता: लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन को खबर हुई तो पूरी इमारत तुरंत सील कर खाली करा ली जाएगी। ऐसे में इस भारी मानसूनी बारिश के मौसम में बाल-बच्चों और गृहस्थी के सामान के साथ वे कहां आश्रय लेंगे, यही असमंजस उन्हें जान जोखिम में डालने पर विवश कर रहा है।

📜 ‘बिल्डर ने नियमों को छुपाकर बेचे फ्लैट’: 200 मीटर के हरित क्षेत्र के उल्लंघन का आरोप

नियमों का उल्लंघन और खरीददारों से धोखाधड़ी:

  • तथ्यों को छिपाने का आरोप: निवासियों ने दावा किया कि रजिस्ट्री कराने और फ्लैट खरीदने के उपरांत उन्हें ज्ञात हुआ कि गंगा के किनारे इस तरह के निर्माण पर कानूनी प्रतिबंध लागू हैं। बिल्डर ने पूरी सच्चाई छिपाकर फ्लैट्स बेचे।

  • 200 मीटर का हरित नियम: एनजीटी और पर्यावरण नियमों के तहत गंगा किनारे 200 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के पक्के आवासीय या व्यावसायिक निर्माण की अनुमति नहीं है।

  • तकनीकी जांच की तत्काल मांग: जागरूक नागरिकों का कहना है कि प्रशासनिक स्तर पर गंगा किनारे हो रहे कटाव को रोकने के लिए तुरंत सुरक्षात्मक तटबंध (स्टोन पिचिंग) बनाई जाए और विशेषज्ञों की टीम से भवन की तकनीकी मजबूती की जांच कराई जाए, ताकि किसी बड़े हादसे को समय रहते टाला जा सके।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.