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पलामू डीसी के नाम पर थाईलैंड के नंबर से बना फर्जी व्हाट्सएप: अधिकारी से की चैट, जिला प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

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पलामू (झारखंड): पलामू के उपायुक्त (DC) के नाम और तस्वीर का दुरुपयोग कर फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाने का गंभीर साइबर अपराध मामला सामने आया है। इस फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट के जरिए पलामू जिले के सतबरवा में पदस्थापित एक प्रशासनिक अधिकारी से बातचीत भी की गई। पूरे प्रकरण का खुलासा होने के बाद जिला प्रशासन ने नागरिकों और अधिकारियों को सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है। जालसाज ने फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल पर पलामू डीसी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत की आधिकारिक डीपी (डिस्प्ले पिक्चर) लगा रखी थी। तकनीकी पड़ताल में सामने आया है कि यह अकाउंट थाईलैंड के अंतरराष्ट्रीय कोड वाले नंबर से संचालित किया जा रहा था।

📢 जिला प्रशासन की जनता और अधिकारियों से सतर्क रहने की अपील

पलामू जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देश:

  • सत्यापन के बाद ही दें जवाब: पलामू सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने सभी अधिकारियों व आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात या संदिग्ध नंबर से डीसी के नाम पर आने वाले संदेशों का सत्यापन किए बिना कोई जवाब या गोपनीय जानकारी साझा न करें।

  • कानूनी कार्रवाई शुरू: मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल और स्थानीय पुलिस द्वारा तकनीकी अनुसंधान व विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

  • सोशल मीडिया पर बार-बार फ्रॉड: इससे पूर्व मई माह में भी पलामू डीसी के नाम से फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाई गई थी। वर्ष 2021 के बाद से अब तक पलामू डीसी के नाम पर यह 6वीं बार फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाए जाने की घटना है, जिसको लेकर पूर्व में भी अलग-अलग एफआईआर (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं।

🌐 विदेशी नंबरों और वर्चुअल नेटवर्क का हो रहा इस्तेमाल

साइबर ठगों का मॉडस ऑपरेंडी:

  • विदेशी कॉलिंग कोड: डीसी के नाम पर बनाए गए फर्जी व्हाट्सएप खातों में विदेशी वर्चुअल नंबरों का सहारा लिया जाता रहा है।

  • वियतनाम का नंबर: पूर्व में वर्ष 2025 के अंतिम महीनों में वियतनाम के कंट्री कोड वाले नंबर से इसी प्रकार का फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट तैयार किया गया था।

  • पुलिस अनुसंधान: साइबर पुलिस ने पूर्व के दो प्रमुख मामलों में जांच कर कई अहम साक्ष्य जुटाए थे, जिसमें विदेशी आईपी (IP) एड्रेस और प्रॉक्सी सर्वर के इस्तेमाल की पुष्टि हुई थी।

📱 2021 से 2026 के बीच 6वीं बार डीसी के नाम पर बना फर्जी अकाउंट

पूर्व में सामने आए मामले और जांच के खुलासे:

  • घटनाओं का सिलसिला: वर्ष 2021-22 में पहली बार, 2022-23 में दूसरी बार, 2025 के अंतिम महीनों में तीसरी बार तथा मार्च-अप्रैल 2026 में भी डीसी के नाम पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर भ्रम फैलाने का प्रयास किया गया था।

  • फर्जी पहचान पर सिम कार्ड: पुलिस जांच में खुलासा हुआ था कि शातिर साइबर अपराधी फर्जी पहचान पत्रों के जरिए सिम कार्ड हासिल करते हैं।

  • हाई-सिक्योरिटी डिवाइस: जांच एजेंसियों से बचने के लिए आरोपी हाई-सिक्योरिटी और एन्क्रिप्टेड स्मार्टफोन का उपयोग करते हैं, जिससे उनकी डिजिटल लोकेशन को आसानी से ट्रेस न किया जा सके।

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