JPSC अनियमितता केस: कोर्ट में पेश हुई CID की केस डायरी; पूर्व अध्यक्ष व उप परीक्षा नियंत्रक की जमानत याचिका पर 1 सितंबर को फैसला
रांची (झारखंड): 14वीं जेपीएससी (JPSC) प्रारंभिक परीक्षा में कथित फर्जीवाड़े और गंभीर अनियमितताओं के मामले में झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव और जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते सहित पांच आरोपियों की जमानत याचिका पर रांची सिविल कोर्ट में सुनवाई हुई।
अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत में हुई इस सुनवाई के दौरान फिलहाल किसी भी आरोपी को कोई अंतरिम राहत नहीं मिल सकी। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अगली सुनवाई की तिथि 1 सितंबर तय की है।
📁 सीआईडी ने अदालत में पेश की केस डायरी, अगली सुनवाई 1 सितंबर को मुकर्रर
अदालती कार्यवाही का विवरण:
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याचिकाकर्ताओं के नाम: इस मामले में पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते के अलावा अभय कुमार तिवारी, श्वेता गुप्ता, सुमन सौरव और उमेश कुमार की नियमित जमानत याचिकाओं पर सुनवाई की गई।
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केस डायरी दाखिल: सुनवाई के दौरान सीआईडी (CID) की ओर से अदालत में विस्तृत केस डायरी प्रस्तुत की गई।
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अतिरिक्त समय की मांग: वरिष्ठ अधिवक्ता संजय कुमार के अनुसार, अभियोजन पक्ष ने केस डायरी के अवलोकन और अपना आधिकारिक जवाब (काउंटर एफिडेविट) दाखिल करने के लिए अदालत से समय मांगा, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने 1 सितंबर की तारीख मुकर्रर की।
👮 10 अगस्त को हुई थी पूर्व अध्यक्ष की गिरफ्तारी, गोड्डा से दबोचा गया था अभय तिवारी
गिरफ्तारी और आरोपियों की संलिप्तता:
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एल. ख्यांगते की गिरफ्तारी: परीक्षा में धांधली की जांच कर रही सीआईडी ने 10 अगस्त को जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते को गिरफ्तार किया था।
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अभय कुमार तिवारी पर खुलासे: इससे पूर्व 22 जुलाई को खाद्य आपूर्ति विभाग गोड्डा में तैनात अभय कुमार तिवारी को गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया कि टीडीपीएल (TDPL) से जुड़े रहने के दौरान उसने चार बार जेपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण की थी।
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उप परीक्षा नियंत्रक की भूमिका: आरोपी श्वेता गुप्ता जेपीएससी में उप परीक्षा नियंत्रक के पद पर कार्यरत थीं। जांच के अनुसार, दूसरे विभाग में स्थानांतरण होने के बावजूद वे करीब दो महीने तक अनधिकृत रूप से जेपीएससी में बनी रहीं।
🏢 कांड संख्या 16/2026 दर्ज: JPSC दफ्तर में छापेमारी के बाद अब तक 24 से अधिक गिरफ्तारियां
सीआईडी जांच और प्रशासनिक कार्रवाई:
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केस दर्ज व छापेमारी: परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर सीआईडी ने कांड संख्या 16/2026 दर्ज किया है। 21 जुलाई को पुलिस और सीआईडी की संयुक्त टीम ने जेपीएससी कार्यालय में व्यापक छापेमारी कर अहम दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त किए थे।
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बड़े पैमाने पर कार्रवाई: इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक पूर्व अध्यक्ष समेत दो दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। सीआईडी द्वारा लगातार कड़ियों को जोड़ते हुए आगे की जांच की जा रही है।
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