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जामिया मिलिया इस्लामिया में एडमिशन पर भारी बवाल: NSUI और SFI का प्रदर्शन, स्पॉट एडमिशन में धांधली का आरोप

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नई दिल्ली: दिल्ली की प्रतिष्ठित जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में दाखिला प्रक्रिया (Admission Process) को लेकर सोमवार को छात्र संगठनों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन और हंगामा किया।

यूनिवर्सिटी के प्रमुख छात्र संगठनों—नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI)—ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर नामांकन प्रक्रिया और स्पॉट एडमिशन में गंभीर अनियमितताओं व भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। छात्रों का आरोप है कि प्रवेश प्रक्रिया और आरक्षण नीति के क्रियान्वयन में आवश्यक पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। हालांकि, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह तथ्यहीन और बेबुनियाद बताया है।

⚖️ दाखिला प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग: NSUI का धरना-प्रदर्शन

एनएसयूआई (NSUI) के विरोध और प्रमुख मांगें:

  • भ्रष्टाचार के आरोप: NSUI कार्यकर्ताओं ने यूनिवर्सिटी परिसर और मुख्य मार्गों पर प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया कि सामान्य दाखिला प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई है।

  • निष्पक्ष जांच की मांग: प्रदर्शनकारी छात्रों ने मांग की कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र में हुए सभी दाखिलों और स्पॉट राउंड्स की एक स्वतंत्र व निष्पक्ष समिति से जांच कराई जाए।

  • पारदर्शिता का अभाव: संगठन ने कहा कि प्रशासन को दाखिला प्रक्रिया, कट-ऑफ मार्क्स और चयन सूची के नियमों को सार्वजनिक रूप से पारदर्शी बनाना चाहिए ताकि योग्य अभ्यर्थियों का हक न मारा जाए।

📋 एसएफआई का आरोप: कम रैंक वालों को दाखिला, आरक्षण नीति की हुई अनदेखी

एसएफआई (SFI) द्वारा उठाए गए मुख्य सवाल:

  • योग्य अभ्यर्थियों की उपेक्षा: SFI की जामिया इकाई ने आरोप लगाया कि मेरिट में ऊपर आने वाले योग्य छात्रों को दरकिनार कर कम अंक और रैंक वाले उम्मीदवारों को पिछले दरवाजे से प्रवेश दिया गया।

  • आरक्षण नियमों में हेरफेर: संगठन ने दावा किया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने विभिन्न श्रेणियों के लिए तय आरक्षण नियमों और रोस्टर का सही तरीके से पालन नहीं किया।

  • डेटा सार्वजनिक न करना: SFI ने सवाल उठाया कि पाठ्यक्रम-वार बची हुई सीटों, आधिकारिक वेटिंग लिस्ट और सीट आवंटन के पैमानों की सूची वेबसाइट पर सार्वजनिक क्यों नहीं की गई।

🏛️ यूनिवर्सिटी प्रशासन का स्पष्टीकरण: ‘स्पॉट एडमिशन पूरी तरह पारदर्शी, आरोप बेबुनियाद’

जामिया मिलिया इस्लामिया प्रशासन का आधिकारिक पक्ष:

  • स्पॉट एडमिशन की जरूरत: यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमित प्रवेश सूचियों (प्रथम, द्वितीय और तृतीय मेरिट लिस्ट) के जारी होने के बाद बची हुई खाली सीटों को भरने के लिए ही तय नियमानुसार ‘स्पॉट एडमिशन’ की प्रक्रिया अपनाई जाती है।

  • हेरफेर संभव नहीं: एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने कहा कि पूरी दाखिला प्रणाली डिजिटल और पारदर्शी है, जिसमें किसी भी प्रकार का मानवीय हस्तक्षेप या भ्रष्टाचार संभव नहीं है।

  • एकेडमिक माहौल का संकल्प: यूनिवर्सिटी ने कहा कि देश भर के मेधावी छात्रों को बेहतरीन शैक्षणिक व अनुसंधान परिवेश उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है और इस प्रकार के भ्रामक प्रदर्शनों से संस्थान की छवि को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।

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