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नीम करोली बाबा के कैंची धाम में निर्माणाधीन ‘ॐ पुल’ पर गहराया विवाद, पीएमओ पहुंची शिकायत

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नैनीताल/भीमताल (उत्तराखंड): बाबा नीम करोली महाराज के विश्व प्रसिद्ध पावन तीर्थ स्थल कैंची धाम में निर्माणाधीन ‘ॐ पुल’ (Om Bridge) को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है।

भीमताल के एक स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता ने इस निर्माण कार्य को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर आधिकारिक शिकायत भेजकर तुरंत हस्तक्षेप और समाधान की मांग की है। कैंची धाम में बन रहे इस पुल को लेकर मुख्य विरोध इसके आधुनिक कंक्रीट डिजाइन, अत्यधिक ऊंचाई और धाम की सदियों पुरानी प्राकृतिक व आध्यात्मिक पहचान प्रभावित होने को लेकर जताया जा रहा है। हालांकि, वर्तमान में यह निर्माण कार्य किसी भी अदालत द्वारा अवैध घोषित नहीं है और न ही इस पर कोई कानूनी रोक लगाई गई है।

📌 ‘ॐ पुल’ के निर्माण का क्यों हो रहा है विरोध? 5 मुख्य बिंदुओं में समझें पूरा विवाद

स्थानीय नागरिकों और होटल एसोसिएशन के विरोध के प्रमुख बिंदु:

  • भारी-भरकम कंक्रीट ढांचा: स्थानीय निवासियों और होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों का आरोप है कि पुल का भारी-भरकम सीमेंट-कंक्रीट ढांचा कैंची धाम के शांत, पारंपरिक और प्राकृतिक वातावरण से बिल्कुल मेल नहीं खा रहा है, जिससे आश्रम का मूल स्वरूप प्रभावित हो रहा है।

  • मंदिर से अधिक ऊंचाई: विरोध कर रहे लोगों का मुख्य तर्क है कि निर्माणाधीन पुल की ऊंचाई कैंची धाम के मुख्य मंदिर से भी अधिक हो रही है, जो मंदिर की दृश्यता, दिव्यता और उसकी प्रमुखता के दृष्टिकोण से अनुचित है।

  • कुछ कोणों से ‘ॐ’ का उल्टा दिखना: पुल की संरचना पर उकेरा गया पवित्र ‘ॐ’ का डिजाइन कुछ दिशाओं और कोणों से देखने पर उल्टा नजर आता है, जिसे लेकर श्रद्धालुओं और धार्मिक संगठनों में गहरी नाराजगी है।

  • धार्मिक प्रतीक के उपयोग पर आपत्ति: पुल के भौतिक ढांचे में ‘ॐ’ जैसे परम पावन वैदिक प्रतीक के उपयोग के तौर-तरीकों पर सवाल उठाए जा रहे हैं; मांग है कि इसका स्वरूप ऐसा हो जो प्रत्येक कोण से शास्त्रसम्मत और मर्यादित दिखे।

  • प्राकृतिक और आध्यात्मिक संतुलन: पर्यावरणविदों और भक्तों का कहना है कि कैंची धाम घाटी में कोई भी नया ढांचा आसपास की सुरम्य पहाड़ियों, नदी और आध्यात्मिक आभा के अनुरूप ही तैयार किया जाना चाहिए ताकि धाम का प्राकृतिक सौंदर्य अक्षुण्ण रहे।

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