नासिक (महाराष्ट्र): नासिक शहर में सड़कों की जर्जर हालत और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के नवश्या गणपति परिसर में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा होते-होते बाल-बाल बच गया। सड़क निर्माण कार्य के तहत गिट्टी उतारने पहुंचा एक भारी डंपर अचानक सड़क की सतह धंस जाने से करीब 10 से 12 फीट गहरे गड्ढे में जा गिरा। हादसे के तुरंत बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि इस घटना में किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई और कोई बड़ा जानी नुकसान होने से टल गया।
🚚 गिट्टी खाली करते ही धंसा सड़क का हिस्सा, चालक को नहीं मिला संभलने का मौका
हादसे का घटनाक्रम और मौके की स्थिति:
-
गिट्टी उतारते समय हादसा: नवश्या गणपति परिसर में सड़क मरम्मत और निर्माण का काम चल रहा था, जिसके लिए गिट्टी से लदा डंपर मौके पर लाया गया था।
-
अचानक धंसी जमीन: जैसे ही चालक ने गिट्टी खाली करने की प्रक्रिया शुरू की, सड़क की ऊपरी सतह भारी वजन को सहन नहीं कर सकी और अचानक नीचे की ओर धंस गई।
-
भीड़ जमा हुई: डंपर इतनी तेजी से गड्ढे में समाया कि चालक को संभलने का समय नहीं मिला। घटना के बाद स्थानीय नागरिकों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया।
⚠️ 10 से 12 फीट गहरे गड्ढे में समाया वाहन, टल गया बड़ा जानलेवा हादसा
गड्ढे की गहराई और सुरक्षा को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता:
-
गहरा गड्ढा: जमीन धंसने के बाद सड़क के नीचे लगभग 10 से 12 फीट गहरा खोखला हिस्सा नजर आया, जिसने निर्माण कार्य के दौरान नींव की मजबूती पर सवाल खड़े कर दिए।
-
राहगीरों पर खतरा: स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि डंपर की जगह कोई दोपहिया वाहन, ऑटो रिक्शा या राहगीर वहां से गुजर रहा होता, तो यह हादसा जानलेवा साबित हो सकता था।
-
डंपर को निकालने के प्रयास: घटना के बाद क्रेन की सहायता से गड्ढे में फंसे डंपर को बाहर निकालने के प्रयास शुरू किए गए।
🏗️ घटिया निर्माण सामग्री और लापरवाही के आरोप, सुरक्षा प्रबंधों पर सवाल
स्थानीय निवासियों का आक्रोश:
-
गुणवत्ता की जांच का अभाव: स्थानीय लोगों का आरोप है कि बारिश के मौसम में शहर की अधिकांश सड़कों की हालत खस्ता हो जाती है और पैचवर्क व निर्माण कार्यों में तय मानकों का पालन नहीं किया जाता।
-
सुरक्षा मानकों की अनदेखी: निर्माण स्थल पर सुरक्षा बैरिकेडिंग और लोड टेस्टिंग के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे, जिससे मजदूरों और आम जनता की जान जोखिम में पड़ गई।
📊 ’80 फीसदी गड्ढे भरने के दावों की खुली पोल’: प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
सरकारी दावों और वास्तविक स्थिति में अंतर:
-
प्रशासनिक दावों पर सवाल: नासिक के पालकमंत्री और नगर निगम द्वारा शहर के करीब 80 प्रतिशत गड्ढे भरने और सड़कों की गुणवत्ता सुधारने के बड़े दावे किए जा रहे थे, लेकिन इस हादसे ने इन दावों की हकीकत उजागर कर दी है।
-
लापरवाही पर कार्रवाई की मांग: स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि संबंधित ठेकेदार और निगरानी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त जांच कराई जाए और निर्माण कार्यों की नियमित ऑडिटिंग सुनिश्चित की जाए।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.