नई दिल्ली: वर्ष 1984 के सिख-विरोधी दंगों के दोषी और तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार के निधन पर कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा की ओर से दी गई टिप्पणी पर गहरा राजनीतिक और सामाजिक विवाद खड़ा हो गया है।
दीपेंद्र हुड्डा द्वारा सज्जन कुमार को देश की राजनीति के लिए ‘अपूरणीय क्षति’ और जनता से जुड़ाव का ‘रोल मॉडल’ बताए जाने पर 1984 के दंगा पीड़ितों, शिरोमणि अकाली दल, दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC) और भाजपा नेताओं ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। पीड़ित परिवारों ने इसे सिखों के अनसुलझे जख्मों पर नमक छिड़कने वाला गैर-जिम्मेदाराना बयान करार दिया है।
⚔️ ‘पार्टी के लिए रोल मॉडल बताना बेहद दुखद’: DSGMC अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की तीखी प्रतिक्रिया:
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कड़ा ऐतराज: DSGMC अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने दीपेंद्र हुड्डा के बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अदालतों द्वारा दोषी ठहराए गए व्यक्ति को रोल मॉडल कहना अत्यंत पीड़ादायक और अस्वीकार्य है।
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सिख समुदाय की भावनाएं आहत: उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों से सिख समुदाय की धार्मिक और मानवीय भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है।
😡 ‘हमारे जख्मों का मजाक उड़ाया गया’: 1984 दंगा पीड़िता निरप्रीत कौर का तीखा हमला
पीड़ित पक्ष की ओर से सख्त नाराजगी:
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भावुक और तीखा आक्रोश: 1984 के दंगों की प्रमुख गवाह और पीड़िता निरप्रीत कौर ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि एक ओर पार्टी नेतृत्व पूर्व की गलतियों पर खेद प्रकट करने की बात करता है, तो दूसरी ओर उनके प्रमुख सांसद एक सजायाफ्ता व्यक्ति का महिमामंडन कर रहे हैं।
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इंसाफ में रुकावट का आरोप: उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के बयानों से यह स्पष्ट होता है कि दशकों तक दंगों के दोषियों को राजनीतिक संरक्षण मिलता रहा, जिसके कारण पीड़ितों को न्याय पाने में लंबा संघर्ष करना पड़ा।
🪧 सांसद दीपेंद्र हुड्डा के आवास के बाहर लगे विरोध प्रदर्शन के पोस्टर
विरोध और पोस्टर प्रदर्शन:
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विरोध पोस्टर: पीड़िता निरप्रीत कौर और अन्य पीड़ितों ने दिल्ली स्थित सांसद दीपेंद्र हुड्डा के आवास के बाहर विरोध स्वरूप पोस्टर लगाए।
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पोस्टर का संदेश: पोस्टरों पर स्पष्ट लिखा गया— “IF SAJJAN KUMAR IS ROLE MODEL THEN WHO ARE CULPRIT.. SHAME ON YOU DEEPENDER HOODA”, जिसमें सांसद और पार्टी से अपने रुख पर आत्ममंथन करने और सिख समाज से माफी मांगने की मांग की गई।
⚖️ 1984 दंगों में उम्रकैद की सजा काट रहे थे सज्जन कुमार
सज्जन कुमार के कानूनी मामलों का संक्षिप्त विवरण:
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अदालत द्वारा सजा: दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिसंबर 2018 में दिल्ली कैंट इलाके में पांच सिखों की हत्या के मामले में सज्जन कुमार को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
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अस्पताल में निधन: उम्रकैद की सजा भुगतने के दौरान स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका निधन हुआ।
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