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ग्वालियर: मुरार जिला अस्पताल की न्यूरो ओपीडी में दवाओं का संकट, पर्चा लेकर निजी मेडिकल स्टोर जाने को मजबूर मरीज

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ग्वालियर (मध्य प्रदेश): ग्वालियर के मुरार स्थित जिला अस्पताल की न्यूरो ओपीडी में उपचार और चिकित्सकीय परामर्श के लिए आने वाले मरीजों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

अस्पताल की दवा वितरण खिड़की से मरीजों को न्यूरो से संबंधित आवश्यक और जीवनरक्षक दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। चिकित्सक से परामर्श लेने के बाद जब मरीज काउंटर पर पहुंचते हैं, तो दवाएं अनुपलब्ध होने के कारण उन्हें बाजार में स्थित निजी मेडिकल स्टोर से महंगे दामों पर दवाएं खरीदने के लिए विवश होना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि दर्द निवारक और गैस संबंधी बुनियादी दवाओं की आपूर्ति भी काफी समय से प्रभावित है।

💊 रोजाना 60 से अधिक मरीज पहुंच रहे ओपीडी, सिर्फ सरकारी व्यवस्था के भरोसे गरीब

अस्पताल में आने वाले न्यूरो मरीजों की निर्भरता पूरी तरह सरकारी तंत्र पर टिकी हुई है:

  • मरीजों का दबाव: जिला अस्पताल की न्यूरो ओपीडी में रोजाना लगभग 60 से अधिक मरीज परामर्श और इलाज के लिए पहुंचते हैं।

  • लंबे उपचार की जरूरत: इनमें बड़ी संख्या ऐसे मरीजों की है जो क्रॉनिक (दीर्घकालिक) न्यूरोलॉजिकल समस्याओं से ग्रसित हैं और जिन्हें बिना नागा नियमित रूप से दवाएं खानी पड़ती हैं।

  • आर्थिक बोझ: आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लोग सरकारी अस्पताल में इस उम्मीद के साथ आते हैं कि उन्हें निःशुल्क जांच और परामर्श के साथ दवाएं भी मिलेंगी, लेकिन अस्पताल में स्टॉक न होने से उन पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ रहा है।

📦 दवा आपूर्ति और स्टॉक प्रबंधन पर उठे सवाल, नियमित सप्लाई की दरकार

अस्पताल में दवाओं की कमी से प्रशासनिक व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं:

  • स्टॉक प्रबंधन की अनदेखी: न्यूरो ओपीडी में मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या के बावजूद अस्पताल प्रबंधन द्वारा पर्याप्त स्टॉक और आपूर्ति का पूर्व आकलन नहीं किया जा रहा है।

  • मरीजों की परेशानी: पूरी जांच और डॉक्टर को दिखाने के बाद भी जब खिड़की से दवा नहीं मिलती, तो मरीजों और उनके तीमारदारों में भारी रोष देखा जा रहा है।

  • सुधार की मांग: स्थानीय नागरिकों और मरीजों ने मांग की है कि जिला अस्पताल में दवा आपूर्ति और लॉजिस्टिक्स को तत्काल दुरुस्त किया जाए, ताकि जरूरतमंद मरीजों को अस्पताल परिसर में ही सभी दवाएं सुलभ हो सकें।

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