गुना (मध्य प्रदेश): जिले की नानाखेड़ी कृषि उपज मंडी में मंगलवार (18 अगस्त) को किसानों के लिए आयोजित बलराम महोत्सव के दौरान बड़ा विवाद खड़ा हो गया।
इस कार्यक्रम में गुना से बीजेपी विधायक पन्नालाल शाक्य ने मंच से संबोधन के दौरान माता सीता और महिलाओं को लेकर कई विवादित और आपत्तिजनक टिप्पणियां कर दीं। कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े हुए थे। विधायक द्वारा पौराणिक कथाओं और इतिहास का हवाला देते हुए दिए गए इस बयान के बाद कार्यक्रम का माहौल तनावपूर्ण हो गया और राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं।
📜 ‘पराई स्त्री मौत का सामान है’ — रामायण का उदाहरण देकर की विवादित टिप्पणी
किसानों और खेती के विषयों पर बात करते हुए विधायक पन्नालाल शाक्य इतिहास और पौराणिक आख्यानों का उदाहरण देने लगे:
-
रामायण के युद्ध का संदर्भ: विधायक ने कहा कि रावण को उसके भाई ने समझाया था कि पराई स्त्री को ले जाना गलत है और वह मौत का सामान है, इसलिए उसे सम्मान सहित वापस लौटा देना चाहिए।
-
सीता माता से जुड़ाव: मंच से दिए गए इस बयान को सीधे तौर पर माता सीता से जोड़कर देखा जा रहा है, जिस पर सामाजिक और धार्मिक संगठनों में भारी रोष है।
⚔️ ‘रामायण और महाभारत में सिर्फ पुरुष मरे’ — पांचाली और संयोगिता का भी दिया हवाला
विधायक शाक्य ने ऐतिहासिक और पौराणिक युद्धों का विश्लेषण करते हुए महिलाओं की भूमिका पर तर्क दिया:
-
पुरुषों की मौत का दावा: उन्होंने कहा कि इतिहास या पुराणों के किसी भी युद्ध में महिलाओं की मौत नहीं हुई, बल्कि हमेशा पुरुषों को ही अपनी जान गंवानी पड़ी।
-
महाभारत और पृथ्वीराज चौहान का जिक्र: उन्होंने दावा किया कि महाभारत के युद्ध में एक पांचाली (द्रौपदी) के कारण एक करोड़ से अधिक पुरुष मारे गए। इसी प्रकार संयोगिता के प्रसंग में पृथ्वीराज चौहान के 55 सामंत कन्नौज से दिल्ली तक मारे गए, लेकिन इन सभी घटनाओं में केवल पुरुषों की ही जान गई।
⚡ बीजेपी विधायक प्रियंका पेंची ने मंच पर ही टोका, दोनों विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक
महिलाओं पर हो रही इस तरह की टिप्पणियों को सुनकर सभा में मौजूद चांचौड़ा विधानसभा से बीजेपी विधायक प्रियंका पेंची खुद को रोक नहीं पाईं:
-
मंच पर सीधा विरोध: प्रियंका पेंची ने पन्नालाल शाक्य को टोकते हुए कड़ा ऐतराज जताया और कहा, “नहीं भाई साहब, ऐसा नहीं है। यह गलत बात है, महिलाओं ने भी बड़े बलिदान दिए हैं।”
-
किताबों का हवाला देकर बहस: इस पर पन्नालाल शाक्य ने उन्हें मंच पर ही बैठने के लिए कह दिया और दावा किया कि उन्होंने बहुत सारी किताबें पढ़ी हैं और उन्हें इतिहास की पूरी जानकारी है। दोनों जनप्रतिनिधियों के बीच भरी सभा में हुई तीखी बहस से पूरे पंडाल में सन्नाटा पसर गया।
🎶 ‘ए वतन तेरे लिए जान देंगे नहीं, जान लेंगे’ — देशभक्ति गीतों और विदेशी खाद पर भी बोले विधायक
विवादित टिप्पणियों के अलावा विधायक शाक्य ने कार्यक्रम में बज रहे देशभक्ति गीतों और कृषि पद्धतियों पर भी अपने विचार रखे:
-
गीतों पर रोक की मांग: उन्होंने कार्यक्रम में बज रहे देशभक्ति गीत ‘ए वतन तेरे लिए जान देंगे’ पर आपत्ति जताते हुए कहा कि ऐसे उल्टे गीत नहीं बजने चाहिए, बल्कि यह होना चाहिए कि ‘जान देंगे नहीं, जान लेंगे।’
-
प्राकृतिक खेती की अपील: उन्होंने किसानों को चेताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्राकृतिक खेती पर जोर दे रहे हैं, लेकिन विदेशी रासायनिक खादों के अंधाधुंध इस्तेमाल से हमारी उपजाऊ धरती बंजर और रेगिस्तान बनती जा रही है, जिस पर रोक लगाना जरूरी है।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.