Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने जारी किया 10वीं-12वीं परीक्षा 2027 का शेड्यूल: जानें फॉर्म भरने और फीस ज... Sonari Police Station Case: पूनम अरोड़ा, सन्नी और सक्षम अरोड़ा के खिलाफ प्राथमिकी, व्हाट्सएप चैट और ... Singrauli Collector Initiative: एलन और आदित्य बिड़ला ग्रुप के सहयोग से छात्रों को मिलेगी सौगात, दूरद... Rahul Gandhi vs ECI: वोट चोरी के मुद्दे पर चुनाव आयोग जाने से रोके गए राहुल गांधी, पुलिस ने कई नेताओ... Prayagraj Poster Politics: दलित-पिछड़ा साथ चलेगा और फिर बनेगी योगी-मोदी की सरकार, चुनाव से पहले शहर ... Moradabad Police Action: आरोपी अरबाज खान गिरफ्तार और जेल भेजा गया, युवती को गांव के बाहर छोड़कर हुआ ... Allahabad HC Verdict: मां के साथ नहीं रहना चाहती थी बेटी, कोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को किया... Ruchi Vira on Yogi Adityanath: अखिलेश यादव के विकास कार्यों पर मांगे जाएंगे वोट, ओवैसी और संजय निषाद... Vikram Patna Crime Update: आपसी नोकझोंक के बाद सनसनीखेज वारदात, एफएसएल टीम ने घटनास्थल से जुटाए साक्... Rajasthan Crime Update: पाली में ट्रांसपोर्ट नगर के पास ढाबे पर खूनी संघर्ष, कर्मचारियों से मारपीट क...

अखिलेश यादव के ‘चवन्नी’ वाले बयान पर गरमाई यूपी की सियासत, RLD ने दी मर्यादित रहने की नसीहत

138

लखनऊ (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक तापमान अभी से चढ़ने लगा है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के प्रमुख जयंत चौधरी पर बिना नाम लिए कसे गए ‘चवन्नी’ वाले तंज के बाद दोनों दलों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।

अखिलेश यादव के इस बयान के विरोध में जहां जाट समाज ने कई स्थानों पर रोष व्यक्त करते हुए पुतले फूंके, वहीं अब आरएलडी के प्रदेश अध्यक्ष राजा ऐश्वर्य राज सिंह ने मोर्चा खोलते हुए पूर्व मुख्यमंत्री को भाषा की मर्यादा बनाए रखने की कड़ी नसीहत दी है।

📜 ‘लोकदल से ही निकली है समाजवादी पार्टी’ — RLD प्रदेश अध्यक्ष ने याद दिलाया इतिहास

राष्ट्रीय लोक दल के प्रदेश अध्यक्ष राजा ऐश्वर्य राज सिंह ने अखिलेश यादव के बयान पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई:

  • मर्यादा का पाठ: प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अखिलेश यादव जैसे वरिष्ठ नेता को ऐसी अनर्गल और अमर्यादित भाषा के इस्तेमाल से पूरी तरह बचना चाहिए।

  • चौधरी चरण सिंह की विरासत: उन्होंने याद दिलाते हुए कहा, “समाजवादी पार्टी कहीं न कहीं भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की ही विचारधारा और आंदोलन से निकली है। अखिलेश को अपने पिता मुलायम सिंह यादव के संघर्षों और आदर्शों को याद रखना चाहिए, जिन्हें सदैव चौधरी साहब का सानिध्य प्राप्त था।”

  • मनभेद न होने की सीख: ऐश्वर्य राज सिंह ने कहा कि राजनीति में गठबंधन और समीकरण बनते-बिगड़ते रहते हैं, लेकिन मतभेद को कभी मनभेद में नहीं बदलना चाहिए। उन्होंने रेखांकित किया कि लंबे समय तक साथ रहने के बावजूद जयंत चौधरी ने कभी अखिलेश यादव के लिए ऐसी अनुचित भाषा का प्रयोग नहीं किया।

🗣️ ‘हमने चवन्नी का रुपया बना दिया’ — जानिए क्या था अखिलेश यादव का पूरा बयान

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने हाल ही में गठबंधन और निष्ठा के मुद्दे पर बात करते हुए जयंत चौधरी पर अप्रत्यक्ष हमला बोला था:

  • अखिलेश का तंज: सपा अध्यक्ष ने कहा था, “जाने कहां-कहां से लोग गठबंधन बनाने आ गए। हमने चवन्नी का रुपया बना दिया था, तब भी हमें छोड़ कर चले गए।”

  • जनता से गठबंधन का दावा: अखिलेश ने यह भी कहा कि भले ही कुछ लोग साथ छोड़ गए हों, लेकिन उनकी पार्टी ने जनता के साथ अटूट गठबंधन करने, सामाजिक न्याय स्थापित करने और जनविश्वास के दम पर आगे बढ़ने का संकल्प लिया है।

🔄 2022 के ‘चवन्नी’ बयान से जुड़ा है ताजा विवाद का तार

अखिलेश यादव की यह टिप्पणी वास्तव में 2022 के पिछले विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान जयंत चौधरी द्वारा दिए गए एक बयान से जुड़ी है:

  • जयंत का 2022 का बयान: तब सपा गठबंधन में शामिल रहते हुए बीजेपी के प्रस्तावों पर जयंत चौधरी ने कहा था कि वे कोई ‘चवन्नी’ नहीं हैं जिसे कोई भी अपनी जेब में पलट ले।

  • बदले समीकरण: हालांकि, बाद में बदलते राजनीतिक हालात के बीच जयंत चौधरी एनडीए (NDA) गठबंधन में शामिल हो गए और वर्तमान में केंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री का दायित्व संभाल रहे हैं।

🚜 ‘यह पूरे किसान समुदाय और चौधरी चरण सिंह का अपमान’ — मंत्री अनिल कुमार का पलटवार

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और आरएलडी के वरिष्ठ नेता अनिल कुमार ने भी सपा प्रमुख पर तीखा हमला बोला:

  • कड़ी निंदा: मंत्री अनिल कुमार ने बयान को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और आपत्तिजनक करार दिया।

  • किसानों का अपमान: उन्होंने कहा कि यह टिप्पणी सिर्फ जयंत चौधरी के खिलाफ नहीं, बल्कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की विचारधारा और समूचे किसान समाज की गरिमा पर सीधा प्रहार है।

  • ऐतिहासिक योगदान: उन्होंने दोहराया कि सपा नेताओं को कभी नहीं भूलना चाहिए कि उनके आज के राजनीतिक वजूद में चौधरी चरण सिंह के परिवार का ऐतिहासिक योगदान रहा है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.