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गंगा एक्सप्रेसवे की सड़क धंसी: उन्नाव के सोनिक में रैम्प की मिट्टी और गिट्टी बही; 3 महीने पहले ही हुआ था लोकार्पण

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उन्नाव (उत्तर प्रदेश): मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित और महत्वाकांक्षी गंगा एक्सप्रेसवे पर पहली बारिश में ही गंभीर विसंगति सामने आई है। उन्नाव जिले के सोनिक क्षेत्र के समीप एक्सप्रेसवे की सड़क का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया। सड़क धंसने और साइड रैम्प के क्षतिग्रस्त होने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही सड़क निर्माण से जुड़ी एजेंसी ने आनन-फानन में क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का कार्य प्रारंभ कर दिया है। बताया जा रहा है कि सोनिक के पास संबंधित हिस्से के निर्माण का कार्य पीएनसी (PNC) कंपनी और अडानी ग्रुप के अंतर्गत चल रहा था।

🌧️ किलोमीटर 421 के पास बही मिट्टी-गिट्टी, बारिश में खुली 47 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट की पोल

करीब 47 हजार करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार हो रहे 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था।

उद्घाटन के महज तीन महीने बाद ही मानसून की बारिश शुरू होते ही एक्सप्रेसवे के किलोमीटर संख्या 421 के समीप सड़क का किनारा अचानक टूटकर बैठ गया। बारिश के तेज बहाव में साइड में बने सुरक्षा रैम्प की मिट्टी और गिट्टी बह गई, जिससे सड़क के किनारे गहरा गड्ढा हो गया।

⚠️ यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता, निर्माण की गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल

हजारों करोड़ रुपये की लागत से बने इस राज्य स्तरीय मेगा प्रोजेक्ट में इतनी जल्दी दरारें आने और सड़क धंसने के चलते निर्माण सामग्री और तकनीकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

हाई-स्पीड कॉरिडोर होने के कारण यहां से तेज गति में गुजरने वाले वाहनों और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय नागरिकों और यात्रियों ने पूरे रूट की तकनीकी जांच कराने की मांग की है ताकि भविष्य में किसी बड़े सड़क हादसे को टाला जा सके।

🚜 निर्माण एजेंसी ने शुरू किया मरम्मत कार्य, 6 घंटे में पूरा होता है मेरठ-प्रयागराज का सफर

सड़क के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलते ही निर्माण एजेंसी के तकनीकी दल और मशीनरी ने मौके पर पहुंचकर रैम्प की मिट्टी को भरने और डामरीकरण को दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि 594 किलोमीटर लंबे इस 6-लेन (8 लेन तक विस्तार योग्य) एक्सप्रेसवे के पूर्ण संचालन से मेरठ से प्रयागराज तक की यात्रा का समय 12 घंटे से घटकर मात्र 6 घंटे रह गया है। हालांकि, शुरुआत में ही इस तरह की टूट-फूट सामने आने से प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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