गांव की किराना दुकान बनेगी वाई-फाई केंद्र: ‘पीएम-वाणी’ योजना से गांवों में बढ़ेगी कनेक्टिविटी, दुकानदारों की होगी अतिरिक्त कमाई
चंडीगढ़: ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। अब गांवों में स्थित किराना दुकानें, साइबर कैफे, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) और अन्य स्थानीय कारोबारी केवल सामान या सेवाएं बेचने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वे सार्वजनिक इंटरनेट कनेक्टिविटी के मुख्य केंद्र भी बनेंगे। केंद्र सरकार अपनी महत्वाकांक्षी सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क योजना ‘पीएम-वाणी’ (PM-WANI) का दायरा बड़े शहरों से आगे बढ़ाकर ग्रामीण बाजारों और कस्बों तक तेजी से विस्तारित कर रही है। इसके तहत स्थानीय दुकानदारों और छोटे उद्यमियों को पब्लिक डेटा ऑफिस (PDO) के रूप में वाई-फाई हॉटस्पॉट संचालित करने का अवसर दिया जा रहा है।
🏛️ संसद में उठा पीएम-वाणी का मुद्दा, केंद्रीय राज्य मंत्री ने साझा की कार्ययोजना
भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद धर्मबीर सिंह द्वारा संसद में पूछे गए सवाल के लिखित उत्तर में केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने यह जानकारी दी।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पीएम-वाणी योजना का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक ब्रॉडबैंड की पहुंच को सुदूर इलाकों तक पहुंचाना और जमीनी स्तर पर डिजिटल उद्यमिता (Digital Entrepreneurship) को बढ़ावा देना है। इस मॉडल के माध्यम से स्थानीय छोटे व्यवसायी केवल इंटरनेट उपभोक्ता नहीं रहेंगे, बल्कि सेवा प्रदाता (सर्विस प्रोवाइडर) बनकर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकेंगे।
📶 दुकान से संचालित होगा पब्लिक डेटा ऑफिस (PDO), ग्राहकों को मिलेगा सस्ता इंटरनेट
पीएम-वाणी व्यवस्था के तहत पब्लिक डेटा ऑफिस (PDO) की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रखी गई है।
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PDO की स्थापना: कोई भी स्थानीय दुकानदार या सेवा प्रदाता अपने परिसर में वाई-फाई राउटर लगाकर हॉटस्पॉट स्थापित कर सकता है।
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नेटवर्क से जुड़ाव: पब्लिक डेटा ऑफिस एग्रीगेटर (PDOA) इसे मुख्य नेटवर्क और इंटरनेट सेवा से जोड़ने का कार्य करता है।
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अतिरिक्त आय का स्रोत: दुकान पर सामान खरीदने आने वाले ग्राहक और आसपास के लोग टोकन शुल्क देकर हाई-स्पीड इंटरनेट का उपयोग कर सकेंगे, जिससे दुकानदार को अतिरिक्त डिजिटल आमदनी होगी।
⚡ एक कनेक्शन से कई हॉटस्पॉट की सुविधा और क्यूआर (QR) आधारित प्रमाणीकरण
योजना को सरल और व्यवहार्य बनाने के लिए तकनीकी नियमों में कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं:
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सिंगल बैकहॉल से मल्टीपल एक्सेस प्वाइंट: सामान्य फाइबर टू द होम (FTTH) कनेक्शन और एक ही बैकहॉल से कई एक्सेस प्वाइंट्स को जोड़ने की अनुमति दी गई है।
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आसान लॉगिन: उपयोगकर्ताओं को नेटवर्क से जोड़ने के लिए क्यूआर (QR) कोड आधारित आसान प्रमाणीकरण की सुविधा दी गई है।
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म्यूचुअल रोमिंग: अलग-अलग पीडीओ के बीच म्यूचुअल रोमिंग और एसएसआईडी (SSID) के मानकीकरण से इंटरनेट उपयोग बेहद सुगम हो जाएगा।
💰 200 Mbps तक के प्लान पर टैरिफ नियंत्रण, छोटे कारोबारियों को राहत
छोटे दुकानदारों पर इंटरनेट लागत का अत्यधिक भार न पड़े, इसके लिए ट्राई (TRAI) के नियमों के तहत विशेष टैरिफ प्रावधान किए गए हैं।
प्रावधान के अनुसार, 200 एमबीपीएस (Mbps) तक की गति वाले रिटेल FTTH प्लान पीडीओ को सामान्य उपभोक्ता दर की अधिकतम दोगुनी कीमत पर ही उपलब्ध कराए जा सकते हैं। इस लागत नियंत्रण से ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे दुकानदारों के लिए सार्वजनिक वाई-फाई का संचालन आर्थिक रूप से काफी किफायती और लाभकारी बन गया है।
📊 भिवानी-महेंद्रगढ़ में 279 हॉटस्पॉट सक्रिय, डिजिटल गांव की ओर मजबूत कदम
हरियाणा के ग्रामीण अंचलों में पीएम-वाणी नेटवर्क की पकड़ मजबूत हो रही है। आंकड़ों के अनुसार:
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भिवानी जिला: 228 सक्रिय हॉटस्पॉट पंजीकृत
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महेंद्रगढ़ जिला: 51 सक्रिय हॉटस्पॉट पंजीकृत
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कुल संख्या: दोनों जिलों में कुल 279 सार्वजनिक हॉटस्पॉट सफलतापूर्वक काम कर रहे हैं।
यह पहल केवल इंटरनेट देने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल भुगतान (UPI), टेलीमेडिसिन और ई-गवर्नेंस सेवाओं की पहुंच को आसान बनाकर डिजिटल गांवों के निर्माण में मील का पत्थर साबित हो रही है।
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