JPSC-JSSC लाठीचार्ज के खिलाफ पलामू में ‘झारखंड छात्र न्याय सत्याग्रह’: सूर्या सोनल सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शन, CBI जांच की मांग
पलामू (झारखंड): झारखंड में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) आंदोलनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में पलामू जिले में ‘झारखंड छात्र न्याय सत्याग्रह’ का भव्य आयोजन किया गया।
पूर्व मंत्री कमलेश सिंह के सुपुत्र सूर्या सोनल सिंह के सशक्त नेतृत्व में विशाल संख्या में प्रतियोगी छात्र व युवा मेदिनीनगर स्थित समाहरणालय पहुंचे। वहां एकत्रित होकर युवाओं ने ‘न्याय सत्याग्रह’ का आयोजन किया और अत्यंत शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। इस सत्याग्रह का मुख्य उद्देश्य छात्रों पर हुए बर्बर लाठीचार्ज का विरोध करना और JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली की सीबीआई (CBI) जांच कराने की जोरदार मांग उठाना रहा।
🌐 JPSC-JSSC घोटालों का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला, अंतर्राज्यीय मामले में केवल CBI जांच जरूरी: सूर्या सोनल सिंह
सत्याग्रह का नेतृत्व कर रहे युवा नेता सूर्या सोनल सिंह ने मीडिया व उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि JPSC और JSSC घोटालों के तार केवल झारखंड तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इसमें एक ऐसा अंतर्राज्यीय (Inter-State) माफिया नेटवर्क सक्रिय है जो झारखंड, बिहार सहित देश के कई अन्य राज्यों तक फैला हुआ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस वृहद पैमाने के अंतर्राज्यीय मामले की तह तक पहुंचने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराया जाना अत्यंत अनिवार्य है।
⚖️ CID जांच पर सवाल उठाना छात्रों का जायज हक, भविष्य सुरक्षित करने को उठाई आवाज
सूर्या सोनल सिंह ने कहा कि, “सीबीआई (CBI) के पास राज्य की सीआईडी (CID) की तुलना में कहीं अधिक व्यापक अधिकार और स्वायत्तता है। सीआईडी जांच की निष्पक्षता पर छात्रों द्वारा आशंकाएं और सवाल उठाना पूरी तरह से न्यायसंगत है, क्योंकि सीआईडी अधिकारियों की नियुक्ति राज्य सरकार के अधीन ही होती है।”
उन्होंने आगे कहा कि आज के छात्रों का भविष्य तो अंधकारमय बनाया ही जा रहा है, किंतु आने वाली पीढ़ियों, उनके छोटे भाइयों और बच्चों का भविष्य बर्बाद न हो, इसी दूरगामी सोच के साथ छात्र सीबीआई जांच की मांग पर अडिग हैं।
⬛ हाथ में काला बिल्ला बांधकर जताया विरोध, ‘गड़बड़ी छिपाने के डर से CBI जांच से भाग रही सरकार’
सत्याग्रह के दौरान उपस्थित आंदोलनकारी छात्रों व नेताओं ने अपने हाथ पर काला बिल्ला बांधकर पुलिस प्रशासन द्वारा किए गए लाठीचार्ज और सरकार के अड़ियल रवैये के प्रति अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया।
नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार नियुक्ति परीक्षाओं में हुई भारी गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर होने से बचाने के डर से ही सीबीआई जांच कराने से कतरा रही है। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में जिस बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं, उससे स्पष्ट है कि दाल में कुछ काला नहीं बल्कि पूरी दाल ही काली है। इसी कारण सरकार जांच की सिफारिश केंद्रीय एजेंसियों से कराने में संकोच कर रही है।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.