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बेमेतरा में स्वास्थ्य विभाग में हंगामा: CMHO पर महिला कर्मचारियों से बदसलूकी के गंभीर आरोप, संघ ने खोला मोर्चा

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बेमेतरा (छत्तीसगढ़): ‘छत्तीसगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ’ ने बेमेतरा जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने सीएमएचओ पर पदीय गरिमा के विपरीत महिला कर्मचारियों से अभद्रता, मानसिक उत्पीड़न और अमर्यादित टिप्पणियां करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस संवेदनशील प्रकरण में ‘सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ’ ने सीएमएचओ के खिलाफ मुख्यमंत्री, जिला कलेक्टर एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर उच्चस्तरीय जांच और त्वरित कार्रवाई की पुरजोर मांग की है।

⚠️ सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने लगाया प्रताड़ना का आरोप, बोले— TOR के विपरीत कराया जाता है काम

संघ का आरोप है कि जिले में पदस्थ सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) को विगत लंबे समय से मानसिक, आर्थिक एवं प्रशासनिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है।

अधिकारियों को सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि नियमित समीक्षा बैठकों के दौरान CHO संवर्ग के कर्मचारियों के साथ सार्वजनिक रूप से अपमानजनक व्यवहार किया जाता है तथा अमर्यादित शब्दावली का प्रयोग किया जाता है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) द्वारा निर्धारित ‘टर्म्स ऑफ रेफरेंस’ (TOR) के दिशानिर्देशों के विपरीत CHO संवर्ग से अन्य विभागों व संवर्गों के कार्य भी बलपूर्वक कराए जाते हैं।

🛑 समीक्षा बैठकों में महिला कर्मचारियों से अनुचित व्यवहार और अमर्यादित टिप्पणियों के लगे गंभीर आरोप

संघ द्वारा प्रस्तुत आधिकारिक शिकायत में महिला स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ कथित अनुचित एवं गरिमा-विरोधी व्यवहार के भी अत्यंत गंभीर आरोप रेखांकित किए गए हैं।

शिकायत के अनुसार, समीक्षा एवं सामूहिक बैठकों के दौरान कुछ महिला सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ ऐसा असहज वातावरण निर्मित किया गया, जिससे वे अत्यधिक अपमानित महसूस करती हैं। शिकायत में आरोप मढ़ा गया है कि महिला कर्मचारियों के वस्त्र पकड़कर खींचने, लेज़र लाइट से उनके शरीर की ओर अनुचित संकेत करने तथा सार्वजनिक बैठकों में अनुचित कटाक्ष करने जैसी घटनाएं घटित हुई हैं। इसके अतिरिक्त एक महिला कर्मचारी पर व्यक्तिगत एवं अमर्यादित टिप्पणी किए जाने का भी स्पष्ट उल्लेख ज्ञापन में किया गया है।

⚖️ ‘विशाखा गाइडलाइंस’ एवं ‘POSH Act’ के तहत निष्पक्ष जांच और दंडात्मक कार्रवाई की मांग

सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ का स्पष्ट मत है कि यदि ये प्रस्तुत आरोप जांच में सत्य सिद्ध होते हैं, तो यह कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और मौलिक अधिकारों का घोर उल्लंघन है।

अतः इस संवेदनशील मामले की तत्काल पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए। संघ ने मांग की है कि ‘कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013’ (POSH Act) तथा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रतिपादित ‘विशाखा दिशा-निर्देशों’ (Vishaka Guidelines) के तहत जांच समिति गठित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

🛡️ बेमेतरा CMHO डॉ. अमृत लाल रोहलेडकर ने सभी आरोपों को किया खारिज, बताया छवि धूमिल करने की साजिश

दूसरी ओर, बेमेतरा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. अमृत लाल रोहलेडकर ने अपने ऊपर लगाए गए समस्त आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

उन्होंने इन आरोपों को पूर्णतः निराधार, मनगढ़ंत और उनकी प्रशासनिक छवि को धूमिल करने की दुर्भावनापूर्ण साजिश करार दिया है। सीएमएचओ का तर्क है कि कुछ सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा गलत तरीके से वित्तीय प्रोत्साहन राशि (Incentive) का आहरण किए जाने की शिकायत राज्य शासन को प्राप्त हुई थी। यह मामला जांच हेतु जिला कलेक्टर के समक्ष प्रेषित किया गया है और कलेक्टर के दिशा-निर्देशानुसार इसकी निष्पक्ष जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि शासकीय राशि का नियम विरुद्ध आहरण प्रमाणित होता है, तो संबंधितों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई होगी।

📉 मुख्यालय से अनुपस्थिति और कार्य में लापरवाही पर रुका है वेतन, झूठे साबित होने पर होगी मानहानि की कार्रवाई

सीएमएचओ ने आगे बताया कि कुछ कर्मचारियों के अपने निर्धारित मुख्यालय में निवास न करने तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों व योजनाओं के क्रियान्वयन में घोर लापरवाही बरतने की बातें सामने आई थीं।

समीक्षा के दौरान जिन कर्मचारियों की कार्य-प्रगति औसत से कम पाई गई, कलेक्टर के निर्देशों के तहत उनका वेतन रोकने की प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। उनका कहना है कि इसी प्रशासनिक सख्ती और जारी जांच प्रक्रिया से बचने के लिए उनके विरुद्ध ये झूठे आरोप गढ़े जा रहे हैं।

“यदि प्रशासनिक जांच में शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोप गलत और मनगढ़ंत साबित होते हैं, तो मैं अपनी सामाजिक व प्रशासनिक प्रतिष्ठा की रक्षा हेतु संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी मानहानि की कानूनी कार्रवाई करूंगा।” — डॉ. अमृत लाल रोहलेडकर, CMHO, बेमेतरा

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