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गढ़वा में झारखंड-छत्तीसगढ़ एनएच 343 पर हाथियों की चहलकदमी, रंका वन क्षेत्र में बढ़ा हाथियों का खौफ

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गढ़वा (झारखंड): झारखंड-छत्तीसगढ़ मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग-343 (NH-343) पर इन दिनों जंगली हाथियों के झुंड को बेखौफ विचरण करते हुए आसानी से देखा जा सकता है। इसके साथ ही रंका वन क्षेत्र के आसपास के इलाकों में जंगली हाथियों का आतंक निरंतर गहराता जा रहा है। खुथवाटाड़ क्षेत्र तथा एनएच 343 से संलग्न जंगलों में लगभग 20 से 30 हाथियों का विशाल दल डेरा डाले हुए है। हाथियों की गतिविधियां अब केवल जंगलों तक सीमित न रहकर सीधे ग्रामीण बस्तियों की सीमाओं तक पहुंच रही हैं, जिससे संपूर्ण क्षेत्र के निवासियों में भय और गंभीर असुरक्षा का वातावरण व्याप्त हो गया है।

🔥 दहशत के साए में जीने को मजबूर ग्रामीण, युवाओं ने मशाल लेकर खुद संभाली गांव की सुरक्षा

वन क्षेत्र से सटे गांवों के निवासी दिन-रात खौफ के साए में जीवन व्यतीत करने को विवश हैं।

किसान हाथियों के हमले के डर से अपने खेतों में जाने से कतरा रहे हैं, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग 343 से होकर गुजरने वाले यात्री भी हाथियों की आवाजाही की सूचना मिलते ही अत्यधिक सतर्क होकर आवागमन कर रहे हैं। हाथियों के निरंतर बढ़ते खतरे को देखते हुए ग्रामीणों ने अपनी सुरक्षा का जिम्मा स्वयं संभाल लिया है। गांव के युवा सुरक्षा के मद्देनजर रात भर हाथ में जलती हुई मशालें लेकर गलियों, खेतों और सीमावर्ती इलाकों में पहरेदारी कर रहे हैं।

😡 “केवल आश्वासन देता है वन विभाग”: सालों पुरानी समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों का यह संकट कोई नया नहीं है। वर्षों से जंगलों के समीप बसे ग्रामीण इस प्राकृतिक आपदा और जनहानि के डर का सामना कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन विभाग की ओर से प्रतिवर्ष केवल खोखले आश्वासन दिए जाते हैं, परंतु इस मानव-हाथी संघर्ष का कोई स्थायी एवं वैज्ञानिक समाधान निकालने की दिशा में व्यावहारिक कदम नहीं उठाए जाते।

🐘 “क्षेत्र में QRT तैनात, हाथियों की सूचना तुरंत दें”: जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी एबिन बेनी अब्राहम

इस गंभीर समस्या के संदर्भ में जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी (DFO) एबिन बेनी अब्राहम ने जानकारी देते हुए बताया कि रंका के खुथुवा मोड़ सहित कई सीमावर्ती गांवों में हाथियों के झुंड की मौजूदगी दर्ज की गई है।

स्थिति पर नियंत्रण पाने और जनहानि रोकने हेतु वन विभाग द्वारा त्वरित प्रतिक्रिया टीम (QRT – Quick Response Team) का गठन कर दिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि जहां भी हाथियों का दल दिखाई दे, तत्काल वन विभाग को सूचित करें और अनावश्यक रूप से हाथियों के समीप न जाएं तथा सतर्कता बरतें।

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