“सुरक्षित नहीं रहा लोकतंत्र का मंदिर!” विधानसभा के बाहर पंजाब सरकार पर बरसे प्रताप सिंह बाजवा; कानून-व्यवस्था और सुरक्षा चूक पर दागे तीखे सवाल
चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा में ‘आप’ सरकार को नशे, माइनिंग और गैंगस्टरवाद के मुद्दों पर घेरने के बाद कांग्रेस ने सदन का बहिष्कार कर दिया और विधानसभा के बाहर आकर सरकार पर तीखा हमला बोला।
इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि माइनिंग से 20 हजार करोड़ रुपए की आमदनी चार साल में बढ़कर 80 हजार करोड़ होनी चाहिए थी, लेकिन सरकार को कुल मिलाकर सिर्फ 1200 करोड़ रुपए ही प्राप्त हुए। उन्होंने कहा कि राज्य के साढ़े सात लाख कर्मचारियों को अब तक डी.ए. नहीं दिया गया और न ही पुरानी पेंशन स्कीम लागू की गई है।
बाजवा ने कहा कि पंजाब की जिन महिलाओं के लिफाफे में आम आदमी पार्टी सरकार ने 60 हजार रुपए देने का वादा किया था, उन्हें केवल 9 हजार रुपए देकर ही काम चलाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में नशा जोमैटो की डिलीवरी की तरह घर-घर पहुंच रहा है। सरकार सदन के अंदर इन मुद्दों का कोई जवाब नहीं दे सकी। बाजवा ने आगे कहा कि पंजाब की हालत ऐसी हो गई है कि लोग कह रहे हैं कि अगर उन्हें कुछ और नहीं मिलता तो कम से कम हथियार का लाइसेंस ही मिल जाए। राज्य में रोजाना हत्याएं हो रही हैं। यहां तक कि आम आदमी पार्टी के नेता भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आप से जुड़े तीन सरपंचों की हत्या हो चुकी है और पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है।
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