Sandeep Singh Case Update: पूर्व खेल मंत्री संदीप सिंह के खिलाफ जूनियर कोच की गवाही पूरी, कोर्ट के सामने दोहराई छेड़छाड़ की पूरी दास्तां
चंडीगढ़: भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान और हरियाणा के पूर्व खेल मंत्री संदीप सिंह के खिलाफ चल रहे छेड़छाड़ के मामले में शनिवार को चंडीगढ़ जिला अदालत में महत्वपूर्ण मोड़ आया। मामले की सुनवाई के दौरान पहली बार पीड़िता जूनियर महिला कोच की गवाही दर्ज की गई। कोर्ट के कटघरे में खड़ी पीड़िता ने न केवल अपने आरोपों को दोहराया, बल्कि वह पूरी गवाही के दौरान अपने बयानों पर पूरी तरह कायम रही।
शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच चंडीगढ़ जिला अदालत में इस बहुचर्चित मामले की सुनवाई शुरू हुई। कानूनी जानकारों के मुताबिक, किसी भी यौन उत्पीड़न के मामले में पीड़िता की पहली गवाही सबसे अहम कड़ी मानी जाती है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, जूनियर महिला कोच ने अदालत के समक्ष विस्तार से उन घटनाओं का विवरण दिया, जो दिसंबर 2022 में मंत्री के सरकारी आवास पर घटित हुई थीं। बचाव पक्ष के वकीलों द्वारा किए गए शुरुआती सवालों के बावजूद, पीड़िता के बयानों में कोई विरोधाभास नजर नहीं आया। उसने स्पष्ट रूप से संदीप सिंह पर छेड़छाड़, प्रताड़ना और करियर बर्बाद करने की धमकी देने के आरोप लगाए।
यह मामला तब सुर्खियों में आया था जब जूनियर एथलेटिक्स कोच ने सार्वजनिक रूप से सामने आकर तत्कालीन खेल मंत्री संदीप सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस ने लंबी जांच के बाद चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें संदीप सिंह पर महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाने (IPC 354), यौन उत्पीड़न (354A), निर्वस्त्र करने का प्रयास (354B), आपराधिक धमकी (506) और बंधक बनाने (342) जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। कभी ‘सूरमा’ फिल्म के जरिए देश के युवाओं के प्रेरणास्रोत रहे संदीप सिंह के लिए यह कानूनी लड़ाई उनके राजनीतिक करियर के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। आरोपों के बाद उन्हें खेल विभाग छोड़ना पड़ा था। अब पीड़िता की मजबूती से दी गई गवाही ने उनके बचाव की राह को और कठिन कर दिया है।
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