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Iran Oil Depot Attack: तेहरान में भीषण धमाकों से दहला ईरान, ट्रंप की चेतावनी के बाद तेल डिपो को बनाया निशाना; भारी नुकसान

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को दिन में कहा था कि आज की रात ईरान के लिए सबसे बुरी रात होगी.इस बयान के कुछ घंटों बाद ही इजराइल ने ईरान पर नए हमले शुरू किए हैं. ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक शनिवार को तेहरान में एक तेल डिपो पर US और इजराइली हवाई हमले हुए, यह ईरान के तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर पहला हमला था. हमले के बाद ऑयल स्टोरेज टैंक में आग लग गई, जिसके बाद धुंए का बड़ा गुब्बार उठा.

हमले के बाद आई फुटेज में आसमान में आग की ऊंची-ऊंची लपटें और धुएं का बड़ा गुब्बार देखा जा सकता है. अभी हमले के नुकसान का आंकलन नहीं हो पाया है, लेकिन ये हमला अभी तक का तेहरान पर हुए हमलों में सबसे बड़ा माना जा रहा है. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने शनिवार रात कहा कि उन्होंने तेहरान फैसिलिटी पर हमले के जवाब में इजराइल के हाइफ़ा में एक रिफाइनरी पर हमला किया है. ईरान ऑयल रिफाइनरी और डिपो पर हमले को आक्रामकता और आतंकवाद का काम मान रहा है और कई जानकारों ने इस तरह के हमलों को ‘एक्ट ऑफ वॉर’ कहा है.

स्कूल पर हमले के बाद अब तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला

अंतरराष्ट्रीय कानून में ऐसे हमले युद्ध अपराध की श्रेणी में आते हैं. यह ईरानियों के खिलाफ एक साइकोलॉजिकल वॉर का हिस्सा हो सकता है, जिसमें उन्हें डराने और यह यकीन दिलाने के लिए कि उनकी सरकार उन्हें नहीं बचा पाएगी. इजराइल ने इससे पहले यमन में भी बड़े ऑयल डिपो और रेसिटेंशियल इंफ्रा को टारगेट किया था. पिछले हफ्ते हुए इजराइल के एक स्कूल पर हमले में 100 से ऊपर स्कूली बच्चों की मौत हो गई थी. वहीं ईरानी मीडिया फारस न्यूज ने बताया कि ईरान के हमले में एक एंबुलेंस भी खत्म हो गई है.

इसका असर मिलिट्री और सरकार के साथ-साथ ईरानियों पर सीधे तौर पर पड़ सकता है क्योंकि ये वे फ्यूल फैसिलिटी हैं जो तेहरान और दूसरे इलाकों को सप्लाई करती हैं.

ईरान के खाड़ी देशों पर हमले जारी

वहीं ईरान ने युद्ध के 8 वें दिन भी अपने हमले जारी रखे हैं, जिसमें उसने दुबई, सऊदी अरब, इजराइल पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं. इसके अलावा लेबनान की ओर से भी हिजबुल्लाह के इजराइल पर ड्रोन दागने की खबर है.

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