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Jabalpur News: जबलपुर में रजिस्ट्री और लीज का अजब-गजब खेल, अंग्रेजों के पुराने कानून से जनता बेहाल

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जबलपुर: नेपियर टाउन, राइट टाउन और गोल बाजार के लोग आजादी के अमृत महोत्सव के बाद भी अंग्रेजों के बनाए एक कानून की वजह से परेशान हैं. यहां की जमीन आज भी लीज पर हैं. जमीन की खरीद-बिक्री से पहले नगर निगम की 4 और 8 प्रतिशत की लीज चुकानी पड़ती है. एक बार यह मुद्दा फिर चर्चा में है. राज्य सरकार ने लीज के कानून को खत्म करने की बात कही है.

जबलपुर निगम ने लीज पर दी संपत्ति

जबलपुर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा नेपियर टाउन के स्थाई निवासी हैं. उनका पुश्तैनी घर भी नेपियर टाउन में ही है और वे जबलपुर के नेपियर टाउन वार्ड से ही पार्षद हैं. उन्होंने बताया कि “जब वे पहली बार चुनाव में खड़े हुए तब लोगों ने एक अजीब समस्या उनके सामने रखी. नेपियर टाउन, राइट टाउन और गोल बाजार के लोगों का कहना था कि जिस तरह मध्य प्रदेश के दूसरे इलाकों में लोग बिना रोक-टोक संपत्ति खरीद सकते हैं और बेच सकते हैं. यह स्थिति नेपियर टाउन, राइट टाउन और गोल बाजार में नहीं है, बल्कि यहां पर संपत्ति नगर निगम ने लोगों को लीज पर दी है.

अंग्रेजों के कानून से परेशान लोग

अमरीश मिश्रा ने बताया कि दरअसल 1920 के लगभग जबलपुर के पुराने शहर में हैजा फैला था. लोगों को शहर के बाहर बसाया जा रहा था, लेकिन लोग यहां आने को तैयार नहीं थे. इसलिए बहुत से लोगों को नेपियर टाउन और राइट टाउन में लीज पर प्लॉट दिए गए थे. यह लीज 90 साल की थी. ज्यादातर लोगों की प्लॉट की लीज सन 2000 के आसपास खत्म हो रही थी. ऐसी स्थिति में लोगों को दोबारा लीज रिन्यू करवाना पड़ रही थी, लेकिन इस बार नगर निगम ने 90 साल की बजाए मात्र 30 साल के लिए लीज को रिन्यू किया. इसलिए अमरीश मिश्रा के चुनाव में यह मुद्दा बहुत तेजी से गर्म हुआ था.

इस दौरान नेपियर टाउन, राइट टाउन और गोल बाजार के लोगों ने यह मांग उठाई कि अंग्रेजों के बने कानून को खत्म किया जाए. शहर के बाकी लोगों की तरह नेपियर टाउन, राइट टाउन को भी लीज फ्री करके राजस्व संहिता में लाया जाए, ताकि आसानी से लोग जमीन की खरीद बिक्री कर सकें. अमरीश मिश्रा का कहना है कि उन्होंने अपने चुनाव में इस मुद्दे को बढ़-चढ़कर उठाया था.

5 सालों से लीज रिन्यू होना बंद

मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जबलपुर के नेपियर टाउन में घोषणा की थी कि जल्द ही अंग्रेजों के इस काले कानून को खत्म किया जाएगा. नेपियर टाउन, राइट टाउन और गोल बाजार की जमीनों को फ्री होल्ड किया जाएगा. कुछ दिनों तक यह प्रक्रिया चली, कुछ जमीन फ्री होल्ड भी हुई, लेकिन बीते 5 सालों से लीज रिन्यू होना बंद हो गया है. जबलपुर में 15 दिन पहले ही इसी तरह की 25000 वर्ग फीट जमीन की लीज रिन्यू नहीं हुई और उसके मालिक की मौत हो गई, ऐसी स्थिति में नगर निगम ने जमीन को अपने कब्जे में ले लिया.

लीज की जमीन से नगर निगम को मिलता है टैक्स

निगम में नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि दरअसल लीज की वजह से और लीज वाली जमीनों की खरीद-बिक्री से नगर निगम को अच्छा खासा टैक्स मिलता है. लीज वाली जमीन को खरीदने और बेचने पर रहवासी क्षेत्र में 4% और व्यावसायिक क्षेत्र में 8% तक का टैक्स पहले नगर निगम में जमा होता है. इसके बाद जमीनों की रजिस्ट्री होती है. यदि सभी जमीन लीज मुक्त कर दी जाएगी, तो नगर निगम की कमाई कम हो जाएगी. संभवत इसीलिए सरकार नेपियर टाउन, राइट टाउन और गोल बाजार की संपत्तियों की लीज खत्म नहीं कर रही है. इस इलाके में संपत्तियां बहुत महंगी है, इसलिए यह रकम बहुत बड़ी होती है.

जमीन लीज पर देने की याचिका हाई कोर्ट में दायर

उनका कहना है कि बीजेपी की सरकार गुलामी से जुड़े हुए प्रतीकों और अंग्रेजों के दिए नाम बदल रही है, लेकिन अंग्रेजों के कानून पर कोई काम नहीं कर रही है. इससे बड़े पैमाने पर जनता प्रभावित है. नेपियर टाउन, राइट टाउन और गोल बाजार के लोगों को इस मुद्दे पर लड़ाई लड़ते-लड़ते लगभग 20 साल हो गए हैं, लेकिन जब हमें कोई रास्ता नजर नहीं आया, तब हमने मेरे नाम से ही मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसकी सुनवाई अगले माह है.

विधानसभा में उठा मुद्दा, महापौर सुनेंगे समस्या

इसी बीच में मध्य प्रदेश विधानसभा में जबलपुर से बीजेपी विधायक अभिलाष पांडे ने राज्य सरकार से लीज खत्म करने के मुद्दे पर सवाल पूछा. इस मुद्दे पर राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि केवल जबलपुर ही नहीं बल्कि मध्य प्रदेश के कई इलाकों में इसी कानून की वजह से लोग परेशान हैं. इन सभी की समस्याएं उनके महापौर के माध्यम से सुनी जाएगी और इस कानून को खत्म करने की दिशा में काम किया जाएगा. अभिलाष पांडे का कहना है कि सरकार जल्द ही इस मामले में फैसला ले रही है.

जबलपुर के लीज प्रभावित नेपियर टाउन, राइट टाउन और गोल बाजार के नाम बदलकर दयानंद सरस्वती वार्ड, सुभद्रा कुमारी चौहान वार्ड और भवानी प्रसाद तिवारी वार्ड कर दिया गया था, क्योंकि नेपियर टाउन और राइट टाउन का नाम अंग्रेजों ने रखा था. इसलिए नाम बदल दिए गए, लेकिन कानून नहीं बदला. उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि यह मुद्दा कोई छिपा हुआ है, कई बार सरकार की संज्ञान में आया. पूर्व मुख्यमंत्री ने इसमें कार्रवाई की, इस क्षेत्र की जनता परेशान है लेकिन इसके बावजूद जबलपुर के नेपियर टाउन, राइट टाउन और गोल बाजार के लोगों को अंग्रेजों के काले कानून की वजह से परेशानी झेलनी पड़ रही है.”

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