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सावधान! शेयर मार्केट के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा, लालच देकर ऐसे करते थे कंगाल, बदमाशों ने खोले ठगी के राज

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रीवा : चौराहटा थाना पुलिस ने जालसाजों के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है. पुलिस और साइबर की टीम ने रीवा और इंदौर से ठग गिरोह के 9 सदस्यों को गिरफ्तार किया है. बदमाशों के पास से नोट गिनने की मशीनें, कैश के साथ एक कार, स्कूटी और 14 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं. इन बदमाशों में से 5 गुजरात के जबकि 4 अन्य इंदौर के हैं. ये ठग गिरोह शेयर मार्केट मे राशि इन्वेस्ट करने के नाम पर लोगों को अपना शिकार बनाते थे.

इन्वेस्टमेंट के नाम पर 31 लाख ठगे

पुलिस के मुताबिक 23 फरवरी को कौशल प्रसाद तिवारी ने शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में कहा गया था “जून 2025 में उनके पास एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया. उसने शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट करने का प्लान बताया. वह उसके झांसे में आ गए और जालसाज द्वारा दिए गए बैंक खातों मे 21 लाख रुपए से ज्यादा की राशि जमा कर दी. इसके अलावा अगस्त 2025 मे 10 लाख रुपए रीवा मे ऐंठ लिए.”

जालसाजों के झांसे में ऐसे फंसता गया पीड़ित

ठग गिरोह का खुलासा करते हुए चोरहटा थाना प्रभारी आशीष मिश्रा ने बताया “फरियादी द्वारा जालसाज को राशि दे दी गई. फरियादी को इस बात की बिल्कुल भी भनक नहीं थी कि उसके साथ फ्रॉड किया जा रहा है. उसे लगा वह इन्वेस्ट कर रहा है. कुछ समय बीतने के बाद जब फरियादी ने जालसाज से अपनी रकम मांगी तो उसने प्रोसेसिंग फीस जमा करने का हवाला दिया और कुछ दिनों पहले तक लटकाऐ रखा.”

गिरोह का नेटवर्क कई शहरों में होने का शक

जालसाजों ने इसके बाद 13 लाख 30 हजार रुपए की और डिमांड की. इस पर फरियादी को समझ आया कि वह बड़े फ्रॉड का शिकार हो गया. इसके बाद साइबर टीम के साथ दो टीमों का गठन किया गया. टीम ने रीवा और इंदौर के अलग-अलग थाना क्षेत्र में दबिश देकर 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में जानकारी प्राप्त हुई कि फर्जी ट्रेडिंग कम्पनी का झांसा देकर ठगी की गई. जालसाज गिरोह की एक लंबी चेन है, उस तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है. इनके पास से नोट गिनने की 3 मशीनें जब्त हुई हैं.

ठगी गई रकम रिकवर करने के प्रयास

थाना प्रभारी आशीष मिश्रा ने बताया “संबंधित बैंकों को पत्राचार किया गया है. साइबर सेल की मदद से रिकवर किया जाएगा, जिस कंपनी के नाम से ठगी की गई है, वह रजिस्टर्ड है या नहीं इसका भी पता लगाया जाएगा. जांच में और भी आरोपियों की बढ़ने की आशंका है. यह बड़ा स्कैम है. इसमें बैंक खातो में डिजिटली रकम जमा कराई गई. कैश भी लिया गया.”

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