Balodabazar News: मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज का 80वां महाधिवेशन, रमेश बैस ने समाज को दिया आगे बढ़ने का मंत्र
बलौदाबाजार: जिले के चांपा गांव में मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज का 80वां महाधिवेशन उत्साह और गरिमा के साथ आयोजित हुआ. यह दो दिवसीय कार्यक्रम समाज की एकता, संगठन और भविष्य की दिशा तय करने का मंच बन गया है. हजारों की संख्या में समाज के लोग शामिल हुए. कार्यक्रम के दूसरे दिन छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल रमेश बैस पहुंचे. समाज के पदाधिकारियों ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया.
युवाओं को बताया समाज की रीढ़
रमेश बैस ने कहा कि युवा वर्ग में ऊर्जा और नई सोच है. अगर युवा सरकारी योजनाओं की जानकारी लेकर जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाएं, तो समाज तेजी से आगे बढ़ सकता है. उन्होंने समाज के कमजोर और आर्थिक रूप से जरूरतमंद परिवारों की मदद को प्राथमिकता देने की बात कही. अपने संबोधन में समाज को संगठित रहने और युवाओं को सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की.
समाजिक अधिवेशन बेहद जरूरी
बैस ने कहा कि अपने अपने समाज को संगठित करने के लिए ऐसे कार्यक्रम आयोजित होने चाहिए. इस अधिवेशन में विचार मंथन होता है कि हम समाज कैसे संगठित रखें. समाज में गरीब परिवार है उसको हम कैसे सहयोग कर सकते हैं. ऐसे हर मुद्दे पर चर्चा होती है और अंतिम निर्णय होता है. आज समय ऐसा आ गया है कि किसी व्यक्ति के पास अपने रिश्तेदार के घर भी जाने के लिए समय नहीं है ऐसे में येअधिवेशन और अहम होता है.
समाज को मजबूत रखना समय की सबसे बड़ी जरूरत है. केवल भाषण से नहीं, जमीन पर काम करने से बदलाव आता है. केंद्र और राज्य सरकार की कई योजनाएं हैं. उनकी जानकारी लेकर हमारे युवा समाज के गरीब परिवार की मदद करें- रमेश बैस, पूर्व राज्यपाल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे शामिल
शाम 4 बजे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कार्यक्रम में शामिल होने की योजना है. उनकी मौजूदगी से समाज की मांगों को सीधे सरकार तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा. समाज के पदाधिकारियों को उम्मीद है कि इससे कार्यक्रम को राज्य स्तर पर और मजबूती मिलेगी.
शिक्षा, रोजगार और सहयोग पर चर्चा
महाधिवेशन में शिक्षा, छात्रावास, कोचिंग सहायता, रोजगार और सहयोग कोष जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई. कई वक्ताओं ने समाज में शिक्षा स्तर मजबूत करने और युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने पर जोर दिया.
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
कार्यक्रम में पारंपरिक वेशभूषा और लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली. वरिष्ठजनों और समाज के उत्कृष्ट कार्यकर्ताओं का सम्मान भी किया गया, जिससे युवाओं को प्रेरणा मिली.
संगठन ही समाज की ताकत
महाधिवेशन में यह संदेश स्पष्ट रूप से सामने आया कि एकजुट समाज ही मजबूत समाज होता है. आत्ममंथन और सामूहिक निर्णय से ही भविष्य की दिशा तय की जा सकती है.
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