IAS अधिकारी की बढ़ी मुश्किलें! दिल्ली विधानसभा ने पंजाब के अफसर को किया तलब, गुरुओं के अपमान के आरोपों पर माँगा जवाब
दिल्ली विधानसभा में गुरुओं के कथित अपमान के मामले में दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने पंजाब सरकार के सीनियर अधिकारी आलोक शेखर IAS को नोटिस भेजा. 27 फरवरी दोपहर 3 बजे ओल्ड सेक्रेटेरिएट स्थित विधानसभा परिसर में पेश होने का निर्देश दिया है. विधानसभा ने सिख गुरुओं पर कथित टिप्पणी के मामले में नेता प्रतिपक्ष आतिशी से जुड़े मामले में कार्रवाई तेज कर दी है.
विशेषाधिकार हनन और अवमानना के आरोपों को लेकर दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति सख्त है और पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह-II) आलोक शेखर को 27 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है.
विशेषाधिकार समिति ने जारी किया नोटिस
दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने पहले भेजे गए पत्र और रिमाइंडर के बावजूद जवाब न मिलने पर समन जारी किया और FIR, शिकायत, सोशल मीडिया एक्सपर्ट रिपोर्ट और फॉरेंसिक रिपोर्ट के दस्तावेज पेश करने का आदेश दिया. विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष की स्वीकृति से नोटिस जारी हुआ.

जनवरी 2026 में, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने आतिशी पर आरोप लगाया कि उन्होंने विधानसभा में सिख गुरुओं के बारे में गलत भाषा का इस्तेमाल किया.
गुरुओं के कथित अपमान का मामला गरमाया
वहीं, आतिशी और AAP ने इन आरोपों को पूरी तरह से नकार दिया, और दावा किया कि सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो में BJP ने उनके शब्दों को गलत तरीके से पेश करने के लिए छेड़छाड़ की है.
वहीं फोरेंसिक रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब पुलिस द्वारा करवाए गए एक फोरेंसिक एनालिसिस से पता चला कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई थी और “गुरु” शब्द का इस्तेमाल BJP के दावे के मुताबिक नहीं किया गया था. उनके इनकार के बावजूद, बीजेपी विधायकों ने विधानसभा में विरोध किया और उनसे माफी और इस्तीफे की मांग की.
आतिशी ने प्रिविलेज कमेटी को ऑफिशियली जवाब दिया, जिसमें कहा गया कि उन्होंने कभी भी सिख गुरुओं के बारे में कोई अपमानजनक बात नहीं की है.
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